
Rajasthan Give Up Campaign: चित्तौड़गढ़ जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गेहूं का लाभ ले रहे उपभोक्ताओं के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है। रसद विभाग की ओर से बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद जिले के 66,809 यूनिट उपभोक्ताओं ने अब तक अपनी ई-केवाईसी नहीं करवाई है। इसके कारण ऐसे तमाम उपभोक्ताओं का गेहूं फिलहाल बंद हो गया है। जब तक इनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण नहीं होगी, इन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा।
रसद विभाग की ओर से चलाए जा रहे गिवअप (स्वेच्छा से लाभ छोड़ना) अभियान के तहत जिले में कुल 1,14,290 ऐसे लोग सामने आए हैं, जिन्होंने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा सूची से अपना नाम हटवा लिया है। इसमें वे लोग शामिल हैं जो या तो अब आर्थिक रूप से संपन्न हो चुके हैं या सरकारी सेवा में आ चुके हैं। अपात्रों के छंटने के बाद अब पात्र परिवारों को जुड़ने का मौका मिल सकेगा। उल्लेखनीय है कि सरकार की ओर से पिछले दो साल से गिव अप अभियान चलाया जा रहा है।
जिले में वर्तमान में खाद्य सुरक्षा के लाभार्थियों की कुल संख्या 9,23,515 है। सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को राशन सामग्री वितरित की जाए, जिनका आधार वेरिफिकेशन (ई-केवाईसी) हो चुका है। विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी अपात्र व्यक्ति सरकारी योजना का अनुचित लाभ न उठा सके और डेटा पूरी तरह पारदर्शी रहे। ई-केवाईसी कराने के लिए पात्र राशनकार्ड धारकों से कई बार अपील भी प्रशासन ने की लेकिन इसके बावजूद अब तक भी 66 हजार से ज्यादा लाभार्थी ई-केवाईसी कराने में खास रूचि नहीं दिखा रहे हैं। बिना ई-केवाईसी कराए लाभार्थी योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
खाद्य सुरक्षा योजना में लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है। जिले के 66 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी नहीं कराई है, इसके कारण उनका गेहूं बंद है। उसके ई-केवाईसी कराते ही उन्हें पुन: लाभ मिलने लग जाएगा।