जिला पुलिस की विशेष टीम व सदर थाना पुलिस ने शनिवार देर रात रेलवे स्टेशन क्षेत्र में ३.४२ क्ंिवटल चंदन की लकडिय़ां जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
चित्तौडग़ढ़
पुलिस अधीक्षक अनिल कयाल ने बताया कि संगठित अपराधों के विरूद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला विशेष टीम को सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन के सामने स्थित नंदू ट्रॉवेल्स का मालिक पवन ने निकुंभ थानान्तर्गत कलंदर खेड़ा निवासी सलीम व राजू की ओर से भेजे गए चंदन की गीली लकड़ी के सात पार्सल को अपने पंचवटी स्थित आवास से टैंपो में भरकर नंदू ट्रॉवेल्स पर लेकर आ रहा है। जिसे वीडियो कोच बस में कानपुर व उत्तरप्रदेश भिजवाया जाएगा। सूचना पर जिला विशेष टीम के प्रभारी शिवलाल मीणा के नेतृत्व में एक टीम रेलवे स्टेशन क्षेत्र में पहुंची और निगरानी शुरू की। जैसे ही चंदन की गीली लकडिय़ों से भरा टैंपो नंदू ट्रॉवेल्स पर पहुंचा तो वहां पहले से ही तैनात टीम के सदस्यों ने दबिश देकर टैंपो चालक शंभूपुरा थानान्तर्गत रघुनाथपुरा निवासी दिनेश (२१) पुत्र सत्यनारायण तेली व नंदू ट्रॉवेल्स के मालिक पंचवटी निवासी पवन (३१) पुत्र शिवनारायण शर्मा को डिटेन कर सदर थाना पुलिस को सूचना दी। सदर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके खिलाफ राजस्थान वन अधिनियम व चोरी का प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने चंदन की लकडिय़ां मय टैंपो जब्त की है। लकडिय़ों का तोल किया तो ३४१ किलो ८०० ग्राम हुआ। इनका बाजार मूल्य करीब तीन लाख रूपए बताया जा रहा है। बरामद की गई चंदन की लकडिय़ां बड़ीसादड़ी थानान्तर्गत भागल निवासी सलीम खान पुत्र भंवर खान व निकुंभ थानान्तर्गत कलंदर खेड़ा निवासी राजू खान पुत्र इशाक खान ने अवैध कारोबार के उद्देश्य से सफेद कट्टों में भरकर कानपुर व उत्तरप्रदेश की तरफ भिजवाने के लिए पार्सल बनाकर भिजवाई गई थी। पूर्व में भी कलंदर खेड़ा व सादलखेड़ा के व्यक्तियों द्वारा 15 से 20 बार अवैध रूप से चंदन की लकडिय़ां नंदू ट्रॉवेल्स के मार्फत उत्तरप्रदेश व मध्य प्रदेश भिजवाई जा चुकी है। पुलिस को शक नहीं हो और कोई मुखबिरी नहीं हो, इसके लिए ट्रॉवेल्स मालिक ने चंदन की लकडिय़ों के पार्सल अपने पंचवटी स्थित घर पर दिन में ही मंगवा कर रख लिया जाता था। जब ट्रॉवेल्स बस रेलवे स्टेशन स्थित नंदू ट्रॉवेल्स पर आती थी, तब पार्सल को तुरंत घर से टैंपो में मंगवा कर ट्रॉवेल्स बस में लोड कर दिया जाता था। चंदन तस्कर ट्रॉवेल्स मालिक से मिलीभगत कर अवैध चंदन की लकड़ी की तस्करी का कारोबार कई दिनों से कर रहे थे।