
सांकेतिक तस्वीर
चित्तौडगढ़। जिले के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। जिले में बार-बार होने वाली ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार और निगम हर संभव प्रयास कर रहे हैं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए करीब 272.92 करोड़ की लागत से नए जीएसएस (ग्रिड सब स्टेशन) का निर्माण और पुराने ग्रिडों का क्रमोन्नयन किया जा रहा है।
राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम के अनुसार 132 केवी भादसोड़ा में जीएसएस का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। करीब 37.92 करोड़ की लागत से बन रहे इस ग्रिड का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक पूरा होने का रखा गया है। इसके बनने से आस-पास के दर्जनों गांवों को निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
पिछली बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारते हुए निगम बेगूं और करसाना में बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है। बेगूं में 220 केवी जीएसएस का निर्माण जारी है, जिस पर 97 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। वहीं, करसाना में 138 करोड़ की से 220 केवी का जीएसएस आकार ले रहा है। अधिकारियों का दावा है कि ये दोनों बड़े ग्रिड अगले साल तक बनकर तैयार हो जाएंगे, जिससे जिले की औद्योगिक और कृषि सप्लाई को बड़ा सहारा मिलेगा।
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सरकार ने 2026-27 की बजट घोषणा में रसूलपुरा जीएसएस को क्रमोन्नत करने का निर्णय लिया है। यहां 132 केवी जीएसएस को अब 220 केवी में बदला जाएगा। निविदा (टेंडर) प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके क्रमोन्नत होने से जिले में लोड मैनेजमेंट बेहतर होगा और बिजली की अघोषित कटौती पर लगाम लगेगी।
रावतभाटा स्थित लोठियाना में 132 केवी जीएसएस का निर्माण करवाया जाना है। इसके लिए जमीन भी आवंटित कर दी गई थी। इस पर 38 करोड़ रुपए खर्च होने थे, लेकिन ब्राह्मणी बैराज प्रोजेक्टके चलते काम को रोक दिया गया है। इसके कारण इस जीएसएस पर अनिश्चितता बनी हुई है।
जिले में बिजली के तंत्र को मजबूत करने के लिए जीएसएस का निर्माण करवाए जा रहे हैं। इसके तहत भादसोड़ा, बेगूं, करसाना में जीएसएस का निर्माण जारी है। रसूलपुरा के लिए टेण्डर प्रक्रिया जारी है।
Updated on:
10 May 2026 02:44 pm
Published on:
10 May 2026 02:29 pm
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