
चित्तौडग़ढ़़. कॉलेजों व अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्ययनरत छात्राओं की सुरक्षा व उन्हें छेडख़ानी से बचाने के लिए पुलिस को अब सीसीटीवी कैमरों की जरूरत महसूस हो रही है। पुलिस ने राज्य में शैक्षणिक संस्थाओं के आसपास छात्राओं से छेडख़ानी की घटनाएं रोकने के लिए इनके प्रवेश व निकासी द्वार व अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य करने का प्रस्ताव भी किया है। इस बारे में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (सिविल राईट्स) जंगा श्रीनिवास राव ने इस सम्बन्ध में गत २४ अप्र्रेल को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के शासन सचिव को पत्र भेजा है। राव के पत्र पर आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा की संयुक्त निदेशक (आयोजना) डॉ. दीपाली भार्गव ने सभी राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यो को ८ मई को निर्देश जारी किए है। इसमें अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राव के पत्र में उठाए गए बिन्दुओं पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए है। राव ने पत्र में राज्य के सभी शिक्षण संस्थाओं को प्रवेश द्वार एवं निकास द्वार, भवन के अंदर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगवाने के निर्देश प्रदान करने का आग्रह किया है।
पहले लो सीसीटीवी लगाने का शपथपत्र फिर दो मान्यता
एडीजीपी राव ने उच्च शिक्षा विभाग को भविष्य में नए शैक्षिक संस्थानों को मान्यता देने से पूर्व संस्था प्रधान से सीसीटीवी कैमरे लगवाने का शपथ पत्र प्राप्त करने का भी सुझाव दिया है। उन्होंने ऐसा ही प्रावधान शैक्षणिक संस्थाओं की मान्यता नवीनीकरण के लिए भी करने का आग्रह किया है। पुलिस ने पत्र में ये माना है कि छेड़छाड़ की घटनाओं की रोकथाम के लिए पूर्व में शैक्षणिक संस्थाओं में लगाई गई शिकायत पेटी पूर्ण रूप से कारगर नहीं हो पा रही है। इसमें शिकायत दर्ज कराने वाली छात्राओं को नाम उजागर होने का डर रहता है। ऐसे में वे शिकायत पेटी में अपनी पीड़ा जाहिर करने से
बचती है।