चित्तौड़गढ़

राजमार्गों पर फिर क्यों लौट आई रौनक

पिछले तीन दिन से सूने पड़े राजमार्गों पर सोमवार को रौनक फिर लौट आई।
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राजमार्गों पर फिर क्यों लौट आई रौनक


- रोडवेज व ट्र्रक हड़ताल समाप्त होने का असर
चित्तौडग़ढ़. पिछले तीन दिन से सूने पड़े राजमार्गों पर सोमवार को रौनक फिर लौट आई। रोडवेज बसों व ट्रांसपोर्ट हड़ताल समाप्त होते ही पिछले कुछ दिन से सूने पडे राजमार्गों के होटल व ढाबो पर भी फिर चहल-पहल दिखी। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के कारण चित्तौड़ डिपो को प्रतिदिन करीब १२ लाख रुपए का राजस्व नुकसान हो रहा था। रोडवेज बस स्टेण्ड पर सुबह से यात्रियों की भीड़ रही एवं सभी मार्गों पर बसों का सुचारू संचालन शुरू हो गया। इधर, ट्रांसपोर्टर हड़ताल समाप्त होने से सूने पड़े औद्योगिक क्षेत्रों में भी रौनक लौट आई। मार्बल लदान का कार्य भी फिर शुरू हो जाने से मंदी के दौर से गुजर रहे उद्यमियों ने राहत महसूस की। ट्रांसपोर्ट हड़ताल के चलते चित्तौडग़ढ़ से प्रतिदिन करीब दो से तीन करोड़ रुपए का मार्बल डिस्पेच नहीं हो पा रहा था। चंदेरिया में ट्रांसपोर्टनगर में भी व्यवसायी ट्रकों से माल की लोडिंग-अनलोडिंग में लग गए। हड़ताल समाप्त होने से रोजगार का संकट झेल रहे हम्2ला आदि के चेहरे पर भी रौनक लौट आई।

ट्रक हड़ताल का मार्बल उद्योग पर गहरा असर होने से श्रमिकों पर भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव पड़ा था। मार्बल इकाईयों में लदान का काम नहीं होने से श्रमिकों के रोजगार पर संकट मंडराने लगा था। हड़ताल समाप्ति से रोजगार के संकट से जूझ रहे श्रमिकों ने भी राहत महसूस की। औद्योगिक क्षेत्र में चाय की स्टॉलों से लेकर रेस्टोरन्ट तक पर फिर से रौनक लौट आई। औद्योगिक क्षेत्र में मार्बल इकाईयों में देश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए लदान का कार्य शुरू हो गया।

कर्मचारियों ने निकाला विजय जुलूस
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने पर चित्तौडग़ढ़ में भी बस स्टेण्ड पर कर्मचारियों ने खुशी जाहिर की एवं विजय जुलूस निकाला। ढ़ोल नगाड़ो एवं पटाखो की गूंज के साथ विजय जुलूस निकाल कर्मचारियों ने संघर्ष का समर्थन कर रहे रेल्वे, संयुक्त कर्मचारी महासंघ सहित सभी मददगार संगठनों का आभार जताया।

Published on:
29 Jul 2018 10:44 pm