चूरू

भाजपा ने खेमाराम पर फिर खेला दाव

सुजानगढ़ विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने खेमाराम मेघवाल पर एक बार फिर विश्वास जताया है। उन्हें टिकट देकर मैदान में उतार दिया है। जबकि कांग्रेस ने अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है।
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Mar 26, 2021
भाजपा ने खेमाराम पर फिर खेला दाव
भाजपा ने खेमाराम पर फिर खेला दाव

चूरू. सुजानगढ़ विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने खेमाराम मेघवाल पर एक बार फिर विश्वास जताया है। उन्हें टिकट देकर मैदान में उतार दिया है। जबकि कांग्रेस ने अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है। हालांकि यहां पर फिलहाल कांग्रेस से एक ही नाम तय है। यहां कांग्रेस के दिवंगत नेता भंवरलाल मेघवाल के पुत्र एडवोकेट मनोज मेघवाल का नाम पैनल में है। टिकट मिलने के बाद खेमाराम ने बताया कि पार्टी ने उन पर जिस भावना से विश्वास जताया है उसको कार्यकर्ताओं व समर्थकों के साथ पूरा करेंगे।
खेमाराम का जीवन परिचय
नाम: खेमाराम मेघवाल
उम्र: 55
शिक्षा: स्नातक द्वितीय वर्ष
प्रत्याशी का आधार
आमदनी: खेती व व्यापार, पेंशन व वेतन
सोशल मीडिया: फेसबुक पेज पर कम सक्रिय रहते हैं।
पहचान: पार्षद से विधायक व मंत्री के रूप में पहचान
अनुभव: करीब 30 साल का राजनीतिक अनुभव
सक्रियता: सुजानगढ़ में राजनीति में वे 1985 से सक्रिय हैं। दो बार विधायक चुने जा चुके और एक बार राज्य मंत्री भी रह चुके हैं।
खेमाराम का राजनीतिक जीवन
भाजपा पूर्व शहर मंडल अध्यक्ष बुद्धि प्रकाश सोनी ने बताया कि खेमाराम मेघवाल की उम्र 55 वर्ष है। वे पहली बार 1990 में पार्षद बनें। दूसरी बार 1995 व 2000 में तीसरी बार पार्षद बनें। 2003 में पहली बार भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा एमएलए बनें। वसुंधरा सरकार में पहले मंत्री मंडल के गठन में उन्हें खनिज राज्य मंत्री बनाया गया। दूसरी बार 2013 में एमएलए बनें। 2018 में पराजित हो गए। सामाजिक न्याय मंत्री भंवरलाल मेघवाल के निधन के बाद उपचुनाव के कारण पार्टी ने 2021 में पार्टी ने फिर से उन पर विश्वास जताते हुए मैदान में उतारा है।
ये रहेंगे समीकरण
सुजानगढ़ विधानसभा सीट एससी के लिए आरक्षित है। खेमाराम की सादगी इनकी मजबूती है। जाट और एससी वोटों पर कितनी सेंधमार सकते हैं। खेमाराम की जीत इसी पर निर्भर करती है। हालांकि ये क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं।
जाट व एससी बाहुल्य क्षेत्र है सुजानगढ़
सुजानगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाता 2 लाख 74 हजार 792 हैं। जिसमें महिला मतदाताओं की संख्या 1 लाख 31 हजार 418 है। जबकि पुरुष मतदाता 1 लाख 43 हजार 374 हैं। अगर जातिगत समीकरणों का आंकड़ा देखा जाए तो सर्वाधिक जाट मतदाता हैं। जिनकी संख्या करीब 63 हजार है। दूसरे नंबर पर मेघवाल जाति के करीब 45 हजार वोट हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 44 हजार 883 मत मिले थे। वहीं कांग्रेस को 83 हजार 632 मत मिले। इस प्रकार जीत का अंतर 38 हजार 749 रहा। यहां कांग्रेस भारी बहुमत से विजयी हुई थी।

Published on:
26 Mar 2021 07:52 am