
प्रतीकात्मक तस्वीर. Pic- ChatGPT
सरदारशहर । भरोसा था कि कमेटी पूरी होगी तो जमा किया सोना और रकम वापस मिल जाएगी, लेकिन अवधि पूरी होते ही भरोसा सवालों में बदल गया। किश्त-किश्त कर जमा कराया गया 195 ग्राम सोना और 5.25 लाख रुपए वापस मांगने पर कथित तौर पर टालमटोल शुरू हो गई। एक आरोपी के ठिकाना छोड़कर चले जाने और दूसरे पर भुगतान से इनकार करने का आरोप है। न्यायालय से प्राप्त इस्तगासे के आधार पर पुलिस ने दो सगे भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पांडिया कुएं के पास बहादुरसिंह कॉलोनी निवासी राजीव सोनी उर्फ सोनू भामा ने इस्तगासे में बताया कि वह सोने की घड़ाई का व्यवसाय करता है। आरोपी राकेश कुमार और पवन कुमार दोनों सगे भाई हैं तथा कमेटी संचालन का काम करते हैं। परिचय होने के कारण परिवादी का दोनों पर विश्वास था।
परिवाद के अनुसार आरोपियों ने कमेटी में सोना और नकदी निवेश करने पर अवधि पूरी होने के बाद पूरी राशि व सोना लौटाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद परिवादी ने अलग-अलग अवधि में सोने की किश्तें जमा कराईं।
परिवादी ने बताया कि 15 फरवरी 2024 से 15 जून 2025 तक 6.5 ग्राम सोने की 17 किश्तें तथा 5 जून 2024 से 5 जून 2025 तक 6.5 ग्राम सोने की 13 किश्तें जमा कराईं। इस तरह कुल 30 किश्तों में 195 ग्राम सोना आरोपियों को देने का दावा किया गया है।
परिवाद में बताया गया कि अलग-अलग कमेटियों में 25 हजार रुपए की 17 किश्तें, 15 हजार रुपए की पांच किश्तें और 25 हजार रुपए की एक किश्त जमा कराई गई। इस तरह कुल 23 किश्तों में 5.25 लाख रुपए नकद देने का आरोप लगाया गया है।
परिवादी के अनुसार कमेटियों की अवधि पूरी होने के बाद जब उसने अपना सोना और रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगे। बाद में उसे पता चला कि राकेश कुमार अपना ठिकाना छोड़कर फरार हो गया। वहीं पवन कुमार से बार-बार संपर्क करने पर भी कथित तौर पर भुगतान करने से इनकार कर दिया गया।
परिवादी ने आरोप लगाया कि दोनों भाइयों ने पहले से योजना बनाकर उसका विश्वास हासिल किया और इसी विश्वास के आधार पर सोना व नकदी प्राप्त की। पूछताछ के दौरान उसे कथित रूप से यह जानकारी भी मिली कि आरोपियों ने अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की है।
पुलिस ने राकेश कुमार और पवन कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच एएसआई कृष्णदास को सौंपी गई है। पुलिस अब कमेटियों से संबंधित दस्तावेज, लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर आरोपों की जांच कर रही है।
Updated on:
19 Aug 2026 05:58 pm
Published on:
19 Aug 2026 05:55 pm
