मामले की गंभीरता को देखते हुए आईपीएस अधिकारी अभिजीत पाटील के निर्देशन में पुलिस ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
सादुलपुर. शहर में नियमों को ताक पर रखकर खुलेआम पेट्रोल-डीजल बेचने का खतरनाक खेल सामने आया है, जिसने आमजन की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। घनी आबादी वाले इलाकों में अवैध रूप से ईंधन का भंडारण और बिक्री आगजनी जैसी बड़ी घटना को न्योता दे रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईपीएस अधिकारी अभिजीत पाटील के निर्देशन में पुलिस ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया। कार्रवाई की शुरुआत गुरुवार को सुबह करीब 10 बजे ‘राजू की ढाणी’ स्थित पेट्रोल पंप से मिली शिकायत के आधार पर हुई।
दुकान में छिपा ‘ईंधन का जखीरा’
पुलिस और प्रवर्तन निरीक्षक प्रीति खेदड़ की टीम ने “मयंक वैरायटी स्टोर” पर दबिश दी, जहां ड्रमों और अन्य पात्रों में भरा तरल पदार्थ जांच में पेट्रोल और डीजल निकला। जांच में यह भी सामने आया कि हरियाणा-राजस्थान के बीच कीमतों के अंतर का फायदा उठाकर अवैध कारोबार किया जा रहा था।
156 लीटर ईंधन जब्त, आरोपी गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान मौके से कुल 156 लीटर पेट्रोल-डीजल बरामद किया गया। साथ ही प्लास्टिक ड्रम, बाल्टियां, पाइप, माप उपकरण, रजिस्टर और पेटीएमक्यूआर कोड भी जब्त किए गए। किसी भी प्रकार का वैध लाइसेंस या परमिट नहीं मिलने पर आरोपी सुमित (निवासी लुटाना) को गिरफ्तार कर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच की जिम्मेदारी एएसआई रामावतार को सौंपी गई है।
जनता का सवाल-शिकायतों के बावजूद क्यों नहीं होती कार्रवाई?
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि शहर के कई इलाकों में किराना दुकानों और हाईवे होटलों पर लंबे समय से पेट्रोल-डीजल खुलेआम बेचा जा रहा है। साथ ही घरेलू गैस सिलेंडरों की अवैध बिक्री भी जारी है। कई बार शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में रोष है।
अभियान जारी रहेगा
आईपीएस अभिजीत पाटील ने स्पष्ट किया कि शहर में अवैध ईंधन कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तीन साल पुराने हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद, 50 हजार का जुर्माना
तारानगर. साहवा थाने में दर्ज तीन वर्ष पुराने हत्या के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संतोष कुमार मीणा ने भाड़ंग (हाल साहवा) निवासी कृष्ण कुमार पुत्र भींवाराम को दोषी ठहराते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उम्रकैद और 50 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
कोर्ट के इस निर्णय के साथ ही लंबे समय से लंबित इस मामले का पटाक्षेप हो गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक एडवोकेट पंकज कुमार स्वामी ने पैरवी करते हुए साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना।