
चूरू. वैशाख शुल्क पक्ष बुद्ध पूर्णिमा पर जिले में वन्य जीवों की गणना के लिए वन विभाग की ओर से तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। जिलेभर के वन क्षेत्रों में वन विभाग की ओर से एक मई शाम 5 बजे से वन्य जीवों की गणना (wildlife census) प्रारंभ की जाएंगी जो 24 घंटे चलेगी। वन विभाग के डीएफओ भवानीसिंह ने बताया कि शुक्रवार बुद्ध पूर्णिमा पर होने वाली वन्यजीव गणना के लिए विभाग स्तर पर तैयारियां कर ली गई है। और वन्य जीवों की गिनती के लिए तैयार रोड मैप अनुसार गणना की जाएगी।
वाटर हॉल पर आएंगे जीव
डीएफओ के अनुसार जिले के वन क्षेत्रों में एक मई शाम 5 बजे से 2 मई शाम 5 बजे तक वन्य जीवों की गणना होगी। उन्होंने बताया जिले के वन क्षेत्रों में करीब 48 वाटर पॉइंट बनाए है। जिनमें कुछ प्रकृति प्रदत है तो कुछ बनाए गए है। इन वॉटर हाल में वन में विचरण करनेवाले जीवों के लिए पानी उपलब्ध रहेगा।
ऊंचाई पर ओट में रहेंगे वनकर्मी
गणना कार्यक्रम अनुसार वन विभाग की ओर से प्रत्येक वाटर हॉल के निकट तीन से चार वनकर्मी तैनात रहेंगे। ये वनकर्मी ऊंचाई पर या किसी ओट में रहेंगे, जिससे पानी पीने के लिए आनेवाले वन्य जीव असहज नहीं हो तथा उन्हें किसी खतरे का अहसास नहीं हो। यहां पर तैनात वनकर्मी ज्योंही वन्य जीव पानी पीने आएगा तो उसे अंकित कर लेंगे और उन्हें कैमरे में भी कैद करेंगे।
अधिकारी भी रखेंगे निगरानी
डीएफओं सिंह ने बताया कि एक सौ से अधिक वनकर्मी 24 घंटे वन क्षेत्रों में तैनात रहेंगे। वन रैंज अनुसार वन अधिकारी भी निगरानी रखेंगे। वन्य जीवों की गणना सुचारू और सही हो इसके लिए वन विभाग ने तैयारियां की है।
ताल छापर अभयारण्य में वन्यजीव गणना आज
इसी क्रम में ताल छापर अभयारण्य (Tal Chhapar Sanctuary) में शुक्रवार को वन विभाग जंगली जानवरों की टोह लेगा। इससे यहां के वन्य जीवों के कुछ कुनबे बढ़ने के साथ अभयारण्य की पहचान कहे जाने वाले कृष्ण मृग की असल मौजूदगी का पता चलेगा। यहां चिन्हित 9 वाटर पॉइंट पर वन्यजीव गणना के दौरान जीपीएस व कैमरा ट्रेप प्रस्तावित है। इसके अलावा पगमार्क से भी गणना की जाएगी। क्षेत्रीय वन अधिकारी उमेश बागोतिया ने बताया कि वन्यजीव गणना 1 मई को शाम 5 बजे से शुरू होकर 2 मई शाम 5 बजे तक चलेगी। यह दिन वैशाख पूर्णिमा का है,पूर्णिमा की रात में चंद्रमा की दूधिया रोशनी ज्यादा रहती है। इसलिए चांदनी रात में वाटर हॉल पर पानी पीने के लिए आने वाले वन्यजीव आसानी से नजर में आते हैं और गणना में अधिकतम सटीक आंकड़े सामने आते हैं।
Published on:
01 May 2026 12:26 pm
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