चूरू

चूरू के इस किसान का ये नवाचार अपना कमा सकते है लाखों

प्रजापत की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां कुछ साल पहले तक जो प्रजापत 10 हजार रुपए महीना पगार में मजदूरी करते थे वह आज ना सिर्फ खेती से लाखों रुपए महीने के कमा रहे है।
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Updated: 20 Apr 2023, 8:54 PM IST
चूरू के इस किसान का ये नवाचार अपना कमा सकते है लाखों
चूरू के इस किसान का ये नवाचार अपना कमा सकते है लाखों

चूरू. समय बदलने के साथ अब किसान खेती में आधुनिक तरीके अपनाकर अच्छी पैदावार कर महीनों के लाखों रुपए कमा रहे हैं। गाजसर के ओकारमल प्रजापत ने परंपरागत खेती छोड़ नवाचार करते हुए खेत में सब्जी का उत्पादन शुरू किया। जिससे ना सिर्फ किसान के घर की आर्थिक सेहत सुधरी बल्कि हौसले भी। प्रजापत की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां कुछ साल पहले तक जो प्रजापत 10 हजार रुपए महीना पगार में मजदूरी करते थे वह आज ना सिर्फ खेती से लाखों रुपए महीने के कमा रहे है।

इतना ही नहीं स्वयं आज दूसरों को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर रहे है। परंपरागत खेती छोड़ खेती में ये नवाचार करना किसान के लिए आसान नहीं था। प्रजापत के सामने सबसे बड़ी पहली चुनौती चूरू का मौसम था। यहां सर्दियों में पारा माईनस में चला जाता है तो गर्मियों में तापमान अर्द्धशतक लगा देता है। करीब तीन महीने पहले खेती में नवाचार करने वाले ओकारमल बताते है कि वह आज प्रतिदिन 5 से 7 हजार रुपए की मंडी में सब्जी बेच रहे है। उन्होंने करीब तीन महीने पहले अपने खेत मे डेढ़ बीघा जमीन पर ककड़ी, टिंडा, टमाटर, घीया, तुरई, खरबूजा लगाए थे, और करीब 60 दिनों बाद वह सब्जी का उत्पादन शुरू हो गया।

जागरूकता व संसाधन का अभाव
उन्होंने बताया कि जिले में अमूमन किसान परंपरागत खेती ही करते है ऐसे में यहां खेती किसानी से जुड़ी जागरूकता और संसाधनों का अभाव है। ओकारमल के सामने भी यही समस्या आई, जहां उन्होंने ड्रिप सिस्टम खरीद करनी थी व चूरू में नही मिलने पर उन्होंने ड्रिप सिस्टम बीकानेर से खरीदा। उन्होंने बताया कि ड्रिप सिस्टम से उन्हें काफी मदद मिली मेहनत आधी हो गई।

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