
चूरू. ज्येष्ठ कृष्ण प्रतिपदा से सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का अंचल में रविवार रात को तीखा असर रहा और सोमवार शाम फिर बारिश का दौर शुरू हुआ। दिन में एकबारगी मौसम साफ हुआ लेकिन शाम को फिर बादल बरसे और ओले गिरे। इससे पहले रात को चूरू में तुफानी हवाओं के साथ तेज रफ्तार के साथ बारिश के बीच ओळे गिरे। तेज हवाओं के कारण शहर में जगह जगह लगे होर्डिंग पतंग की तरह उड़ गए, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के पोल गिर गए। जिले के साहवा से लेकर तेहनदेसर तक का इलाका अंधड़ की जद में रहा। चूरू में रविवार सुबह 8.30 बजे तक 18 मिमी. बारिश दर्ज की गई और सोमवार शाम रफ्तार के साथ आई बारिश ने शहर को तरबतर कर दिया।
450 से ज्यादा गिरे बिजली के पोल
जिले के साहवा, तारानगर, सादुलपुर, सिद्धमुख, भानीपुरा, चूरू, रतनगढ़, बीदासर, सुजानगढ़, बीदासर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में कही आंधी तो कहीं पर बारिश का दौर चला। हालांकि अनेक इलाकों में बारिश कम लेकिन अंधड़ से उड़ते रेत गुब्बार के साथ सबसे ज्यादा बिजली के पोल गिरे। जोधपुर विद्युत निगम चूरू वृत के अधीक्षण अभियंता आरपी वर्मा ने बताया कि प्रकृति आपदा के इस कहर में निगम को बड़ा नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 450 विद्युत पोल गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। उन्होंने बताया कि निगम ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से कार्य कर रहे है और बिजली आपूर्ति बहाल की जा रही है।
चूरू शहर में निकासी व्यवस्था की खुली पोल
चूरू (Churu) में ग्रीष्म ऋतु सीजन (Summer season) की पहली बारिश में ही शहर में जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। कहने को नगर परिषद बारिश से पहले गंदे पानी की निकासी के नाले नालियों की सफाई करवा रही है लेकिन शहर के अनेक इलाको में एकत्रित हुए बरसाती पानी ने मार्गों की राह रोकी। बाबोसा मंदिर मार्ग के पीछे राजकीय नानी बाई रामकुमार मड़दा राजकीय विद्यालय नंबर 7 के आगे रविवार को एकत्रित हुए पानी के कारण बच्चों को स्कूल में प्रवेश करने में परेशानी हुई। खेमका सति मार्ग पर पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीें होने से मुख्य सड़क से यह मार्ग कटा रहा। जिस पर इन वार्डों के लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया।
कहां कितनी हुई बारिश
मौसम केंद्र के अनुसार रविवार सुबह 8.30 बजे तक चूरू में सर्वाधिक 18 मिमी. बारिश हुई। इसके अलावा सुजानगढ़ में 5 मिमी. सिद्धमुख में 7 मिमी. तथा राजगढ़ में 5 मीमी. बारिश हुई। जिले के कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई और तेज हवाए चली। इससे पहले 2 मई को सरदारशहर में 4 मीमी. तथा रतनगढ़ में 5 मिमी. बारिश हुई। 3 मई को रतनगढ़ में 7 मिमी., बीदासर में 5 मिमी., चूरू में 3 मीमी., सुजानगढ़ में 3 मिमी., भानीपुरा और राजलदेसर में 2-2 मिमी. बारिश हुई। ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष दूज के बाद तृतीया को फिर बारिश शुरू हुई जो देर तक जारी रहा।
अंधड़ के साथ बरसे ओले
तारानगर. क्षेत्र में रविवार रात आए तेज अंधड़ और ओलावृष्टि ने जमकर तबाही मचाई। कई गांवों में अंधड़ के साथ बारिश और बड़े-बड़े ओले गिरने से जनजीवन प्रभावित हुआ। झाड़सर कांधलान, झाड़सर छोटा, डाबड़ी सहित आसपास के इलाकों में रेत का गुब्बार छा गया और ओलों ने मकानों व वाहनों को नुकसान पहुंचाया। तेज हवाओं के चलते घरों के टिन शेड और छप्पर उड़ गए, वहीं खिड़कियों के शीशे भी टूट गए। पेड़ों पर लगे सैकड़ों फूल और फल झड़ गए, जिससे किसानों को नुकसान हुआ। खेतों में लगी सब्जियों की बेलें पूरी तरह नष्ट हो गईं।
झाड़सरकांधलान के किसान रामकुमार लुहार ने बताया कि उनकी 3 बीघा में उगाई गई सब्जी की फसल अंधड़, बारिश और ओलों से पूरी तरह बर्बाद हो गई। मास्टर प्रेमचंद धायल के घर के चीकू के पेड़ से सभी कच्चे-पक्के फल झड़ गए, जिससे जमीन पर फलों की परत सी बिछ गई। अन्य गांवों में भी विद्युत लाइनों, पेड़-पौधों और मकानों को नुकसान पहुंचा है। अचानक आए इस मौसम के कहर ने किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
सांखू में बारिश
सांखूफोर्ट. क्षेत्र में कड़कड़ाती बिजली और मेघ गर्जना के साथ करीब आधे घंटे तक हुई बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई, वहीं बाद में तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। कस्बे की गलियों और सड़कों पर जगह-जगह बरसाती पानी जमा हो गया, जिससे आवागमन में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दिनभर मौसम साफ रहने के बाद रात को आए इस बदलाव ने लोगों को राहत के साथ-साथ हल्की असुविधा भी दी।
अंधड़-बौछारों से बदला मौसम का मिजाज
रतनगढ़. क्षेत्र में रविवार रात पहले हल्की आंधी चली, जिसके बाद तेज अंधड़ और बौछारों के साथ हुई बरसात ने अचानक मौसम का रुख बदल दिया। तेज हवाओं और सूंटे के साथ आई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि अंधड़ और बारिश का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा, जिससे कई जगहों पर लाइट कटौती की स्थिति बनी रही। सुबह करीब आठ बजे तक वातावरण में शीतलता रही। तेज हवाओं और बारिश ने कुछ समय के लिए जनजीवन भी प्रभावित किया।
सिधमुख में 19 बिजली पोल टूटे
सिधमुख में रविवार रात आए तेज अंधड़ कस्बे में विद्युत निगम को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। सिद्धमुख क्षेत्र में जहां कुल 19 बिजली पोल टूटकर क्षतिग्रस्त हो गए। इसके चलते पूरा क्षेत्र अंधेरे की आगोश में डूब गया और लोगों रातभर परेशानियों का सामना करना पड़ा। तूफान के कारण 11 केवी लाइन के 10 पोल और एलटी लाइन के 9 पोल धराशायी हो गए।
वहीं कई जगह पेड़टूटकरसड़कों पर गिर गए, जिससे आम रास्ते अवरुद्ध हो गए और बिजली की तारों को भी भारी नुकसान पहुंचा। कनिष्ठ अभियंता अमित कुमार फगड़िया ने बताया कि सूचना मिलते ही निगम टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। टूटे पोल हटाकर और तारों को दुरुस्त कर देर रात करीब 2 बजे अस्थायी व्यवस्था के तहत बिजली आपूर्ति बहाल की गई। इसके अलावा कई स्थानों पर पेड़ गिरने से घरों की चारदीवारी भी क्षतिग्रस्त हुई है, हालांकि गनीमत रही कोई जनहानि नहीं हुई।
अंधड़-ओलावृष्टि का कहर, पेड़ गिरे, बिजली व्यवस्था प्रभावित
साहवा. रविवार शाम अचानक बदले मौसम ने कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में कहर बरपाया। रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच तेज अंधड़, मेघ गर्जना और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित हो गया। कई स्थानों पर पेड़ गिर गए, टीन शेड, छप्पर और सौर प्लेटें उखड़ गईं, वहीं कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की सूचना भी मिली, हालांकि जनहानि नहीं हुई।
साहवा-तारानगर स्टेट हाईवे पर कीकर के पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा। वहीं बिजली लाइनों में फाल्ट आने से आपूर्ति प्रभावित हुई, जिसे डिस्कॉम टीम ने बहाल किया। देर रात तक अंधड़ और बारिश का दौर जारी रहा, जो सोमवार सुबह तक रुक-रुक कर चलता रहा।
55 बिजली पोल धराशायी, 90 साल पुराना नीम भी गिरा
सुजानगढ़: रविवार रात आए तेज अंधड़ ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। करीब 55 विद्युत पोल टूटकर गिर गए, जिससे कई गांवों और बस्तियों में पूरी रात अंधेरा छाया रहा। सोमवार को डिस्कॉम टीम क्षतिग्रस्त पोल खड़े कर बिजली व्यवस्था बहाल करने में जुटी रही।
बीदासर, गोपालपुरा, डूंगर बालाजी सहित कई इलाकों में बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचा। तेज हवाओं के साथ उड़ी धूल और मिट्टी ने आमजन को रातभर परेशान किया। शहर में जगह-जगह टीन शेड, तिरपाल और बैनर उड़ गए। कोठारी रोड पर करीब 90 वर्ष पुराना नीम का पेड़ भी अंधड़ की भेंट चढ़ गया। खेतों में भी पेड़ गिरने की खबरें हैं, जिससे नुकसान का आंकलन जारी है।
Published on:
05 May 2026 12:24 pm
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