वाराणसी

नवजात को जख्म देने पर चार स्वास्थ्यकर्मी एपीओ, मंत्री सर्राफ के आदेश पर एएनएम नीतू गुर्जर को जयपुर लगाया

शहर के गढ़ परिसर स्थित राजकीय डीबीएच की जनाना एवं शिशु इकाई में सोमवार सुबह जन्मी नवजात को हीटर के सामने लेटाने से झुलसने पर बुधवार को चार महिला स्वास्थ्यकर्मियों को एपीओ कर दिया।

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शहर के गढ़ परिसर स्थित राजकीय डीबीएच की जनाना एवं शिशु इकाई में सोमवार सुबह जन्मी नवजात को हीटर के सामने लेटाने से झुलसने पर बुधवार को चार महिला स्वास्थ्यकर्मियों को एपीओ कर दिया।

पीएमओ डा. जेएन खत्री ने बताया, मामले की जांच कर गढ़ अस्पताल में कार्यरत नर्स द्वितीय मुकेश देवी, जमना व यशोदा पुष्पा दर्जी को एपीओ कर दिया। जो मामले की जांच पूरी होने तक राजकीय डीबीएच में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएंगी। वहीं चिकित्सा मंत्री कालीचरण सर्राफ ने एएनएम नीतू गुर्जर को एपीओ कर जयपुर तलब किया है। वह अब जयपुर में उपस्थिति दर्ज करवाएगी। सर्राफ ने बच्ची की विशेष देखरेख के लिए पीएमओ खत्री को निर्देश दिए। वहीं,अतिरिक्त निदेशक सुनील सिंह ने भी प्रतिदिन बच्ची के स्वस्थ्य की रिपोर्ट निदेशालय को देने के निर्देश दिए।



चार चिकित्सकों की टीम करेगी जांच


पीएमओ ने बताया कि मामले की जांच के लिए चार चिकित्सकों की टीम गठित की गई है। टीम में डा. अनवर अली टाक, डा. बजरंग शर्मा, डा. अरुण वर्मा व डा. अमजद अली को लगाया गया है। टीम दो दिन में मामले की रिपोर्ट देगी। गढ़ स्थित मातृ एवं शिशु इकाई में प्रसव की देखरेख के लिए नर्सिंगकर्मी सुमेर व मंजू को लगा दिया गया है।



प्रसूता के लिए बयान


हीटर के सामने नवजात को लेटाने से झुलसने पर मंगलवार शाम कोतवाली पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच कर रहे कोतवाली थानाधिकारी भगवानसहाय मीणा ने बुधवार सुबह प्रसूता माया व सास संतोष के बयान लिए। मीणा ने मामले की जांच की।



कांग्रेस बोली,एपीओ सजा नहीं, गिरफ्तारी जरूरी


पीडि़त परिवार को आर्थिक सहायता व दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता पीडि़त परिवार के साथ एडीएम राजपाल सिंह से मिले। कांग्रेस के हुसैन सैय्यद,रामेश्वर प्रजापति,जमील चौहान,उमाशंकर शर्मा व एडवोकेट रघुनाथ खेमका ने कहा कि एपीओ सजा नहीं है। दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी होनी चाहिए। उनको निलम्बित किया जाए। खेमका ने कहा कि अस्पताल में सीसीटीवी से विशेष निगरानी होनी चाहिए।विकास बुडानिया, महेंद्र सिहाग, विकास मील, हेमंत सिहाग, हर्ष लांबा, रफीक खान,आरिफ खां, जंगशेर खान, शकील कुरेशी, कालू महर्षि व दीपचंद राहड़ व अशोक पंवार ने कहा, बधाई के नाम पर रिश्वत लेना बंद होना चाहिए।



पत्रिका ने बताई हकीकत


राजस्थान पत्रिका ने 'जन्मते ही नवजात को हीटर के आगे सुलाया,झुलसीÓ शीर्षक से बुधवार को समाचार प्रकाशित कर हकीकत उजागर की थी।

Published on:
21 Dec 2016 10:24 pm
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