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वाराणसी में दिव्यांगजनों का हाउस, वॉटर, सीवर टैक्स 100% माफ, आम जनता के लिए भी बड़ा ऐलान

वाराणसी नगर निगम ने दिव्यांगों एवं आम जनता के लिए बड़ा फैसला किया है। नगर निगम में दिव्यांगजनों का हाउस, वॉटर और सीवर टैक्स 80% माफ कर दिया है। नगर निगम में आम जनता को भी बड़ी राहत दी है।

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वाराणसी नगर निगम का बड़ा फैसला (Photo- Patrika)

वाराणसी नगर निगम ने शहर के करीब 2.33 लाख भवन स्वामियों को बड़ी राहत देते हुए चालू वित्तीय वर्ष में टैक्स जमा करने पर विशेष छूट की घोषणा की है। निगम के निर्णय के अनुसार, 15 जुलाई तक हाउस टैक्स, वॉटर टैक्स और सीवर टैक्स जमा करने वाले उपभोक्ताओं को 10 से 12 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

आम जनता को 10 से 12 प्रतिशत छूट

वाराणसी नगर निगम के मुताबिक, 15 जुलाई तक हाउस, वॉटर और सीवर टैक्स जमा करने वाले उपभोक्ताओं को 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इस दौरान टैक्स का डिजिटल भुगतान करने पर 12 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। जिन भवन स्वामियों ने पहले ही टैक्स जमा कर दिया है, उन्हें भी राहत दी गई है। ऐसे लोगों की छूट की राशि अगले वित्तीय वर्ष के बिल में समायोजित कर दी जाएगी। नगर निगम प्रशासन की नई व्यवस्था 1 सप्ताह के भीतर लागू हो जाएगी।

दिव्यांगों को 100 प्रतिशत तक छूट

महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके तहत दृष्टिहीन और 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले भवन स्वामियों का टैक्स पूरी तरह माफ करने का प्रस्ताव पारित किया गया। हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए संबंधित व्यक्तियों को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र निगम कार्यालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

इसके साथ ही व्यापारियों को भी राहत देते हुए लाइसेंस शुल्क में 10 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया गया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि वरुणा रिवर फ्रंट परियोजना को शासन से मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना के तहत छह योजनाओं के माध्यम से वरुणा नदी में गिरने वाले 48 नालों को टैप किया जाएगा, जिनमें 17 खुले नाले शामिल हैं।

नदी किनारे नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी और करीब डेढ़ वर्ष में परियोजना पूर्ण होने की संभावना है। इसका उद्देश्य नदी को प्रदूषण मुक्त करना और तटों का सौंदर्यीकरण करना है। इसके अलावा नगर निगम ने शहर के सभी यूरिनल्स को निःशुल्क करने, पारदर्शिता के लिए रेट बोर्ड लगाने और बेहतर रखरखाव हेतु एजेंसी नियुक्त करने का निर्णय लिया है। वहीं सिगरा क्षेत्र में सुव्यवस्थित फल बाजार विकसित करने की योजना भी बनाई गई है।