प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि कई खाताधारकों ने अपने बैंक खाते अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध करवा रखे थे, जिनका उपयोग साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में किया जा रहा था
चूरू. साइबर अपराध के खिलाफ चल रहे “म्यूल हंटर” अभियान में चूरू पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए लाखों रुपए के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा किया है। शिकायतकर्ता राकेश कुमार मीणा की रिपोर्ट पर शुरू हुई जांच में सामने आया कि कई बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को ट्रांसफर करने और निकालने के लिए किया जा रहा था। ये खाते “म्यूल अकाउंट” (Mule Account) के रूप में काम कर रहे थे, जिनके जरिए रकम को अलग-अलग स्तर पर घुमाकर ट्रेस करना मुश्किल बनाया जा रहा था।
इनके खातों में लाखों हुए क्रेडिट
जांच के दौरान अलग-अलग आरोपियों के खातों में बड़ी राशि क्रेडिट होना सामने आया। शोयब के खाते में करीब 10 लाख रुपए, इरफान के खाते में 11 लाख 10 हजार रुपए, मोहम्मद जुबैर के खाते में 14 लाख रुपए, जाहिद के खाते में 8 लाख रुपए, मुकेश कुमार के खाते में 11 लाख रुपए, अहसान खान के खाते में 2 लाख रुपए, फरीद अली के खाते में 9 लाख 83 हजार रुपए, इंतजार के खाते में 10 लाख 50 हजार रुपए तथा शकील के खाते में 13 लाख रुपए क्रेडिट हुए।
कई आरोपी चिन्हित, नेटवर्क बड़ा
पुलिस ने मामले में शोयब पुत्र असलम निवासी वार्ड नं. 9 तैलियों का कुआ चूरू, इरफान पुत्र इस्लाम खान निवासी जसरासर थाना रतननगर चूरू, मोहम्मद जुबैर पुत्र बाबू खान निवासी टांई थाना बिसाऊ झुंझुनूं, जाहिद पुत्र आदिल भाटी निवासी वार्ड नं. 08 चूरू, मुकेश कुमार पुत्र डूंगरमल निवासी वार्ड नं. 6 चूरू, अहसान खान पुत्र इंतजार खान निवासी शेखसरियाकुआ के पास चूरू, फरीद अली पुत्र मोहम्मद हमीद निवासी अगुणा मोहल्ला चूरू, इंतजार पुत्र लियाकत निवासी महनसर थाना बिसाऊ झुंझुनूं, शकील पुत्र रफीक हसन निवासी पीर की गली वार्ड नं. 5 चूरू तथा इमरान पुत्र इमामुदीन निवासी वार्ड नं. 31 अगूणा मोहल्ला चूरू को आरोपी के रूप में चिन्हित किया है।
अंतरराज्यीय कनेक्शन की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि कई खाताधारकों ने अपने बैंक खाते अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध करवा रखे थे, जिनका उपयोग साइबर ठगी (Cyber Fraud) की रकम के लेन-देन में किया जा रहा था। कुछ आरोपी लंबे समय से इस गिरोह से जुड़े हुए हैं और खातों की व्यवस्था कर गिरोह की सहायता कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय है और म्यूल अकाउंट के माध्यम से ठगी की रकम को छिपाने का काम करता है। मामले में आगे की जांच जारी है तथा अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।