भगेला की बेटी निशा गलेरिया के पिता विनोद गुलेरिया एक साधारण किसान हैं जिन्होंने अपनी बेटी को खेल के लिए प्रोत्साहित कर आगे बढ़ाने का काम किया है। निशा के चाचा विजेंद्र गुलेरिया ने कहा कि उनकी बेटी ने उनका ही नहीं बल्कि गांव और देश का नाम रोशन किया है।
सादुलपुर. बैंकॉक में हुई एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही तहसील के गांव भगेला की खिलाड़ी निशा गुलेरिया ने स्वर्ण पदक प्राप्त कर देश का नाम रोशन किया है। निशा ने 54 किलो भार वर्ग में एशियन चैंपियनशिप बनकर अपने प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
गांव में हुई आतिशबाजी
जीत का समाचार मिलते हैं गांव सहित तहसील क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई तथा खेल प्रेमियों ने आतिशबाजी कर और मिठाई वितरण कर खुशी मनाई। साधारण किसान परिवार की बेटी पर गर्व करते हुए लोगों ने खुशी का इजहार किया।
चीन की सिरुईयांग को किया परास्त
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलनेवाली इस अंडर 19 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप (Asian Boxing Championship) में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही निशा ने 54 किलो भार वर्ग में फाइनल मुकाबले में चीन की सिरुईयांग को 4--1 से हराकर गोल्ड मैडल जीत लिया है। निशा अब 54 किलो भार वर्ग में एशिया की चैंपियन खिलाड़ी गई है।
किसान की बेटी है निशा
भगेला की बेटी निशा गलेरिया के पिता विनोद गुलेरिया एक साधारण किसान हैं जिन्होंने अपनी बेटी को खेल के लिए प्रोत्साहित कर आगे बढ़ाने का काम किया है। निशा के चाचा विजेंद्र गुलेरिया ने कहा कि उनकी बेटी ने उनका ही नहीं बल्कि गांव और देश का नाम रोशन किया है। गर्व है अपनी बेटी पर उन्होंने बेटियों की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
खेलों में भारत बनेगा आत्मनिर्भर
चूरू जिला मुक्केबाजी संघ (Churu District Boxing Association) अध्यक्ष विवेक कुमार, उपाध्यक्ष मनोज पूनिया, प्रो. दिलीप पूनिया, जोगेंद्र झाझड़िया, प्राचार्य राजकुमार पूनियां तथा रामचंद्र सिह राठौड़ आदि ने भी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि भारत अब खेलों में आत्मनिर्भर बनेगा।द्रोणाचार्य अवार्डी कोच अनूप कुमार ने कहा कि भारतीय महिला बॉक्सिंग में उदीयमान सितारे के रूप निशा मुक्केबाज में उभरी है जो आगे तक जाएगी। नए खिलाड़ियों को इनसे प्रेरणा मिलेगी।