जानकारी के अनुसार, 16 प्रकरणों में अनुमानित करीब 2 करोड़ रुपए बकाया हैं, जिसका भुगतान माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर एवं श्री बालिका विद्यालय प्रबंध समिति, सरदारशहर की ओर से किया जाना है। उल्लेखनीय है कि यह बालिका विद्यालय करीब 79 वर्षों से संचालित है।
सरदारशहर. अनुदानित कर्मचारियों को बकाया राशि भुगतान नहीं करना विद्यालय प्रशासन और माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर को भारी पड़ गया। सिविल न्यायाधीश निधि बेनीवाल ने शहर के श्री बालिका विद्यालय भवन को कुर्क करने का आदेश दिया है। गुरुवार को न्यायालय के सहायक नाजीर विक्रम भाटी और श्रवण माली की उपस्थिति में कुर्की की कार्रवाई संपन्न हुई। इस दौरान डिक्रीधारकों के अधिवक्ता मनोज कुमार पारीक और अजय कुमार सारण मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि श्री बालिका विद्यालय के 16 अनुदानित कर्मचारियों को वर्ष 2011 में राज्य सरकार ने सेवा में लिया गया था। कर्मचारियों को जून 2011 से पूर्व दी गई सेवाओं के आधार पर पांचवें व छठे वेतनमान का एरियर, ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश का भुगतान किए जाने के आदेश वर्ष 2016 एवं 2019 में सक्षम अधिकरण पारित किए गए थे। आदेशों का पालन न होने पर कर्मचारियों ने निष्पादन याचिकाएं दायर की थी, जिसके बाद कोर्ट ने विद्यालय भवन को कुर्क करने का आदेश जारी किया।
जानकारी के अनुसार, 16 प्रकरणों में अनुमानित करीब 2 करोड़ रुपए बकाया हैं, जिसका भुगतान माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बीकानेर एवं श्री बालिका विद्यालय प्रबंध समिति, सरदारशहर की ओर से किया जाना है। उल्लेखनीय है कि यह बालिका विद्यालय करीब 79 वर्षों से संचालित है।
इनका कहना
एडवोकेट मनोज पारीक ने बताया कि श्री बालिका विद्यालय 2011 तक अनुदानित संस्था थी। सरकार ने 2011 में अनुदानित कर्मचारियों को सरकारी सेवा में ले लिया था। कुछ कर्मचारियों को एरियर का भुगतान नहीं करने पर कर्मचारी गैर सरकारी शैक्षिक संस्था, जयपुर के ट्रिब्यूनल में केस फाइल करवाया था। ट्रिब्यूनल के आदेश के बावजूद भी संस्था की ओर से बकाया भुगतान नहीं किया गया जिसके कारण भवन को कुर्क किया गया। इसके बावजूद भी भुगतान नहीं किया जाता है तो भवन को निलाम किया जाएगा।