चूरू

रंगों के उत्सव पर चंद्र को लगेगा ग्रहण होलिका दहन पर भद्रा का साया, होली पर खगोलीय संयोग

उमंग के इस पर्व पर इस बार कुछ खास ज्योतिषीय और खगोलीय संयोग रहेगा। बताया जाता है कि तीन साल बाद एक बार फिर होली पर 'भदा' का प्रभाव रहेगा, जिसके कारण होलिका दहन के समय में बदलाव हुआ है। धुलंडी के दिन साल का पहला चंद्रग्रहण भी दिखाई देगा।

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Feb 23, 2026
holi festival 2026
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चूरू. होलाष्टक के साथ जहां मंगलवार से बड़कुले बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा वहीं इस बार रंगों के उत्सव पर चंद्र को ग्रहरण लगेगा और होलिका दहन पर भद्रा का साया रहेगा। होली पर्व पर बनाए जाने वाले बड़कुलों के साथ होली से जुड़ी परंपराओं का निर्वहन करते अंचल के लोग फागोत्सव मनाएंगे।

होली पर 'भद्रा' का साया रहेगा
2 मार्च को मध्यरात्रि में होलिका दहन होगा और 3 मार्च को रंग अबीर गुलाल खेलने के बीच ग्रहण (Eclipse) दिखाई देगा। इसी के साथ उमंग के इस पर्व पर इस बार कुछ खास ज्योतिषीय और खगोलीय (astronomical) संयोग रहेगा। बताया जाता है कि तीन साल बाद एक बार फिर होली पर 'भदा' का प्रभाव रहेगा, जिसके कारण होलिका दहन (Holika Dahan) के समय में बदलाव हुआ है। धुलंडी के दिन साल का पहला चंद्रग्रहण भी दिखाई देगा।

अंचल के लिए अच्छी खबर यह है कि ग्रहण की अवधि बहुत कम होने के कारण होली के उत्साह घर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा। पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि दो मार्च को पूर्णिमा तिथि शाम 5:56 से तीन मार्च शाम 5:08 बजे तक रहेगी। प्रदोषकाल में पूर्णिमा दो मार्च को रहने के कारण होलिका दहन इसी दिन किया जाएगा।

रात 1:26 से 2:38 बजे होलिका दहन
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 2 मार्च को पूर्णिमा (Full Moon) तिथि शाम से शुरू हो जाएगी, लेकिन साथ में भद्रा का वास होने के कारण शाम को दहन नहीं हो सकेगा। शास्त्रों के अनुसार भद्रा काल में होलिका दहन शुभ नहीं माना जाता। दहन का समयः 2 मार्च की रात 1:26 बजे से 2:38 बजे के बीच रहेगा।

मंदिर के पट रहेंगे बंद
धूलंडी पर चंद्र ग्रहण के सूतक के कारण मंदिरों के पट बंद रहेंगे। मंदिर के बाहर भक्ति से सरोबार श्रद्धालु रंग अबीर गुलाल और फूलों की होली खेल सकेंगे लेकिन ठाकुर जी के पट बंद रहेंगे। ग्रहण शुद्धि के बाद ही पट खुलेंगे फिर आरती होगी।

रंगों के बीच सूतक कालः
पंडित मिश्रा ने बताया कि 3 मार्च को प्रातः अंचल धुलंडी (Dhulandi) के रंगों में सराबोर होगा, उसी दिन साल का पहला चंद्रग्रहण भी लगेगा। ग्रहण का समयः दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:48 बजे तक रहेगा। थळी और शेखावाटी में ग्रहण अंतिम चरण में शाम 6.29 बजे से करीब 18 मिनट के लिए ही दिखाई देगा। ग्रहण का सूतक सूर्योदय से सूतक काल शुरू हो जाएगा। इस दौरान मंदिरों के पट बंद रहेंगे और केवल भजन-कीर्तन होंगे। यह ग्रहण बहुत कम अवधि का है इसलिए धुलंडी के उत्सव और रंग खेलने पर कोई पबंदी नहीं रहेंगे।

Published on:
23 Feb 2026 12:27 pm