प्रदेश में हाड़ कंपा देने वाली सर्दी का दौर अभी जारी है। शुक्रवार अल सुबह चूरू में तापमान दुबारा शून्य डिग्री पर आ गया। पारा अचानक 2.4 डिग्री नीचे गिर गया। जबकि गुरुवार को न्यूनतम पारा 2.4 डिग्री था। सुबह तेज गलन का प्रभाव रहा। बाहर परिडों व बर्तनों में पड़ा पानी बर्फ बन गया।
चूरू.
प्रदेश में हाड़ कंपा देने वाली सर्दी का दौर अभी जारी है। शुक्रवार अल सुबह चूरू में तापमान दुबारा शून्य डिग्री पर आ गया। पारा अचानक 2.4 डिग्री नीचे गिर गया। जबकि गुरुवार को न्यूनतम पारा 2.4 डिग्री था। सुबह तेज गलन का प्रभाव रहा। बाहर परिडों व बर्तनों में पड़ा पानी बर्फ बन गया। फसलों पर भी बर्फ जम गई। जैसे-जैसे धूप खिली सर्दी का असर कुछ कम हुआ लेकिन शीतलहर के चलने से धूप का कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा। वहीं शुक्रवार शाम मौसम विभाग जयपुर ने मौसम को लेकर प्रदेश में अलर्ट जारी किया है। इसमें चूरू, सीकर, झुंझुनूं, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, टोंक, भीलवाड़ा व अलवर में हाई अलर्ट जारी किया गया है। यहां दो दिन काफी तेजी गति से शीतल हवाएं चलेंगी। मौसम विभाग के जिला प्रभारी जिलेसिंह ने बताया कि अगले तीन दिन चूरू व शेखावाटी में शीतलहर के प्रकोप रहेगा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान23.5डिग्री दर्ज हुआ जो गुरुवार के मुकाबले एक डिग्री अधिक था। वहीं चूरू के बाद प्रदेश में सबसे कम तापमान डबोक में 2.8 डिग्री रहा। वहीं इससे पहले २६ दिसंबर को भी चूरू शून्य डिग्री पर आ गया था।
किसान फसलों पर रखें विशेष ध्यान
एडीएम रामरतन सौंकरिया ने बताया कि मौम विभाग से हाई अलर्ट जारी होने बाद नगर निकाय व जिला परिषद सीईओ को रैन बसेरों में शीतलहर के दौरान पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों को शतर्क रखने के लिए निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि किसान फसलों को पाले से बचाने के लिए अगले तीन-चार दिन तक फसलों व पशुओं की की विशेष सुरक्षा करें।
फसलों को नुकसान की आशंका
घांघू. आसपास गांवों में इन दिनों कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है। सर्दी से कई खेतों में सरसों को नुकसान भी हुआ है। दिसम्बर माह में सात आठ दिन जमी बर्फ से फसलों की बढ़वार में कुछ कमी आई है। जंगली वनस्पतियों में खींप, आक, धतूरा की झाडिय़ां भी झुलस गई हैं। इस मानसून में लगाए गए पौधे भी कई जगह झुलस गए। सुबह घर के बाहर पड़े बर्तनों में एवं परिंडो में पड़ा पानी बर्फ बन गया। फसलों में पानी देने वाले पाइपों एवं फसल पर पड़ी ओस की बूंदें भी बर्फ के रूप में तब्दील हो गई। किसान हरीराम रेवाड़ ने बताया कि इससे फसलों को नुकसान होगा।
इस तरह रखें ख्याल
फिजीशियन डा. रतन अग्रवाल ने बताया कि शीतलहर व जीरो डिग्री तापमान के दौरान हृदय व सांस के मरीजों को विशेष ध्यान रखना चाहिए। बाहर निकलते समय धूप देखकर लापरवाही नहीं करें। कोई तकलीफ होने पर तुरंत अस्पताल में जांच कराएं और चिकित्सक के बताए अनुसार खान-पान रखें। इस दौरान अधिक से अधिक तरल गरम पेय पदार्थों क सेवन करें।
जानिए किस जिले में अगले तीन दिन कैसे रहेगा मौसम का मिजाज
& चूरू में दो दिन तेज व एक दिन हल्की व चौथे दिन मामूली शीतलहर रहेगी
& सीकर में दो दिन तेज एक दिन मध्यम शीतलहर
& श्रीगंगानगर में दो दिन तेज व एक दिन मध्यम शीतलहर चलेगी
& अलवर दो दिन तेज वे एक दिन मध्यम शीतलहर
& भीलवाड़ा में दो दिन तेज व एक दिन मध्यम
& झुंझुनूं में दो दिन तेज व एक दिन मध्यम
& हनुमानगढ़ में दो दिन तेज व एक दिन मध्यम शीतलहर
& टोंक में दो दिन तेज व एक दिन मध्यम
& चित्तौडग़ढ़, कोटा, पाली में दो दिन मध्यम शीतलहर
& अन्य जिलों में शीतलहर का प्रकोप नहीं है, कुछ जिलों में हल्की शीतलहर चलेगी।