
चूरू. अधिक ज्येष्ठ माह की द्वितीय पर ग्रीष्म ऋतु अपने परंपरागत रंग में रंगी। उष्ण लहर की चपेट में आ रहे चूरू में अब गर्मी परवान चढ़ने लगी है जिसके क्रम में सुबह से सूर्यदेव कुपित नजर आए। दिन के प्रथम प्रहर यहां दुपहरी जैसी बन गई और दोपहर को चिलचिलाती धूप के कारण आमजन की राह कठिन हो गई। सुबह का न्यूनतम तापमापी पारा 27.6 डिग्री तक जा पहुंचा। मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 45.1 दर्ज किया।
उष्ण लहर का यलो अलर्ट
शुष्क चल रहे मौसम में गर्मी (Heat) के तीखे तेवर और चिलचिलती धूप (scorching sun) के कारण यहां सामान्य जनजीवन जहां प्रभावित हो रहा है। वहीं,सुबह सुबह पार्कों में घूमने वालों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। दिनभर तेज धूप के कारण अब रात भी गर्मा ने लगी है। वहीं, उष्ण लहर (heat wave) के कारण पशु पक्षियों में भी बैचेनी दिखाई देने लगी है। छुट्टिया शुरू होने से राहत इसलिए मिल रही है कि अभिभावक उन्हें धूप से बचाने के लिए घरों से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। हालांकि मौसम केंद्र के अनुसार सोमवार को चूरू उष्ण लहर के यलो अलर्ट (yellow alert) पर रहा लेकिन मंगलवार को हीटवेव से निजात मिलने की संभावना है।
छाछ राबड़ी बना सहारा
लू और गर्मी से बचाव के लिए शीतला प्रदान करने वाला पेय पदार्थ छाछ-राबड़ी लोगों के लिए सहारा बनी हुई। प्याज (Onion) के साथ राबड़ी का सेवन करना लू से बचाव के लिए बेहतर माना जाता है। इसके अलावा कैरी पानी और शीतल पेय पदार्थों की मांग बढ़ने लगी है। गन्ने और फलों के जूस की स्टालों पर लोग गला तर करते नजर आ रहे हैं।
मौसम अपडेट
मौसम केंद्र के अनुसार राज्य के अधिकांश भागों में आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क रहने तथा पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों, दक्षिणी पूर्वी भागों में कहीं कहीं हीटवेव दर्ज होने की संभावना है। राज्य के पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वी भागों में आगामी 4-5 दिन तेज धूलभरी हवाएं चलने की संभावना है।
सूरज की तपिश से सूनेपड़े बाजार, घरों में दुबके लोग
सांखूफोर्ट. क्षेत्र में भीषण गर्मी का दौर सोमवार को भी जारी रहा। आसमान से बरसती आग और गर्म हवाओं के थपेड़ों ने आमजन का जीना मुश्किल कर दिया। तेज धूप और उमस भरी गर्मी के आगे कूलर-पंखे भी बेअसर नजर आए। सुबह से ही सूरज के तीखे तेवरों ने लोगों को बेहाल कर दिया, वहीं दोपहर होते-होते सड़कें तवे की तरह तपने लगीं।
सुबह करीब 9 बजे से ही धूप ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। गर्म हवाओं ने आग में घी का काम किया, जिससे लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। वाहन चालक चेहरे पर कपड़ा बांधकर और आंखों पर चश्मा लगाकर सफर करते दिखाई दिए।
गर्मी का आलम यह रहा कि घरों की छतों पर रखी पानी की टंकियों का पानी भी गर्म हो गया। बाल्टियों में भरने के घंटों बाद तक पानी ठंडा नहीं हो पाया। देर शाम तक गर्मी के तेवर बरकरार रहे और रात का बढ़ता पारा भी लोगों की परेशानी बढ़ाता रहा। भीषण गर्मी के चलते शीतल पेय, आइसक्रीम और ठंडे पानी की मांग में भी इजाफा देखने को मिला।
Published on:
19 May 2026 11:31 am
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