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फर्जी डॉक्यूमेंट से पासपोर्ट बनवाकर दुबई जा रहे अपराधी, राजस्थान में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, एजेंट समेत 2 गिरफ्तार

Fake Passport Racket In Rajasthan: सादुलपुर पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाकर विदेश यात्रा करने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा किया। इस मामले में एक हिस्ट्रीशीटर और पासपोर्ट एजेंट को गिरफ्तार किया है।

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चूरू

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Akshita Deora

May 21, 2026

Passport File Photo

फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan Crime News: सादुलपुर पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाकर विदेश यात्रा करने के सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। मामले में एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश और पासपोर्ट एजेंट ओमप्रकाश (65) निवासी रोहल, रोलसाबसर, जिला सीकर को गिरफ्तार किया गया है। थानाधिकारी राजेश सिहाग ने बताया कि जांच अधिकारी एसआई धर्मेंद्र सिंह की जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने आपराधिक मामलों से बचने के लिए फर्जी पहचान तैयार कर पासपोर्ट बनवाया और उसी के जरिए दुबई की यात्रा भी की।

हथियार सहित गिरफ्तारी से शुरू हुई जांच

पुलिस के अनुसार 10 जुलाई 2025 को एसआई श्यामलाल के नेतृत्व में सिधमुख पुलिया के पास नाकाबंदी के दौरान विजय सिंह उर्फ गंगासिंह निवासी घंटेल, थाना सदर चूरू को अवैध पिस्टल और 7 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। तलाशी में उसके पास से पासपोर्ट नंबर X8121696 भी मिला, जिसने पूरे फर्जीवाड़े का राज खोला।

फर्जी नाम से बना पासपोर्ट, दुबई तक की उड़ान

जांच में सामने आया कि आरोपी ने फतेहपुर के ई-मित्र संचालक और एजेंट की मदद से फर्जी आधार कार्ड बनवाया और अपना नाम बदलकर ‘विजयपाल सिंह’ के नाम से पासपोर्ट तैयार करवाया। रिकॉर्ड के अनुसार वह 16 अक्टूबर 2024 को दिल्ली से दुबई गया और 10 नवंबर 2024 को भारत लौटा।

दस्तावेजों की जांच में खुली पोल

पासपोर्ट सत्यापन के दौरान फर्जी चरित्र प्रमाण पत्र और गलत पते का इस्तेमाल सामने आया। वार्ड पार्षद ने भी पुष्टि की कि संबंधित व्यक्ति वार्ड नंबर 4 का निवासी नहीं है। वहीं जांच में कई फर्जी सत्यापन अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। इसके अलावा दस्तावेजों की गहन जांच में कई स्तर पर लापरवाही और मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है, जिसके आधार पर पुलिस अब संबंधित लोगों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है।

एजेंट की भूमिका उजागर, रिमांड पर पूछताछ जारी

पुलिस जांच में फतेहपुर निवासी पासपोर्ट एजेंट ओमप्रकाश पारीक की भूमिका सामने आई, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं और पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। प्रारंभिक जांच में कई फर्जी दस्तावेज तैयार करने और अवैध तरीके से पासपोर्ट बनवाने से जुड़े सबूत भी मिले हैं। पुलिस अन्य संदिग्धों की पहचान कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क की जांच तेज

पुलिस ने अदालत से आरोपी का दो दिन का रिमांड लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में और लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे रैकेट का खुलासा होने की संभावना है।