
PRDARSHAN CHURU
चूरू जिले के राजलदेसर में युवक की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों की ओर से अस्पताल के बाहर शव रखकर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर उचित इलाज और रेफर नहीं करने के कारण युवक की मौत हुई है। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचकर लोगों से समझाइश करने में जुटे हैं, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
जानकारी के अनुसार राजलदेसर निवासी रामूराम भाट (33) का 16 मई को बाइक गिरने से एक्सीडेंट हो गया था। हादसे के बाद परिजन उसे इलाज के लिए सीएचसी लेकर पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे घर भेज दिया। इसके बाद युवक का घर पर ही इलाज चलता रहा।
परिजनों का कहना है कि दो दिन बाद रामूराम की तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद उसे फिर अस्पताल लाया गया। उस दौरान परिजनों ने डॉक्टरों से युवक को तुरंत हायर सेंटर रेफर करने की मांग की, लेकिन समय पर रेफर नहीं किया गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही और देरी के कारण युवक की हालत लगातार गंभीर होती गई।
दोपहर बाद युवक को बीकानेर रेफर किया गया, लेकिन जब परिजन गंभीर हालत में उसे बीकानेर लेकर पहुंचे तो रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। इसके बाद गुस्साए ग्रामीण शव को वापस राजलदेसर अस्पताल लेकर पहुंचे और अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना जारी रहेगा। मौके पर बीसीएमएचओ डॉ. मनीष तिवाड़ी, थानाधिकारी सुरेंद्र बारूपाल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद हैं और परिजनों से वार्ता कर मामले को शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं।
Published on:
19 May 2026 11:24 am
बड़ी खबरें
View Allचूरू
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
