मौसम केंद्र के सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी राजस्थान के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। इसके असर से आगामी दो-तीन दिन कुछ भागों में तेज मेघगर्जन, आंधी-बारिश, तेज हवाएं और कहीं कहीं ओलावृष्टि होने की संभावना है।
चूरू. नव संवत्सर से पूर्व दिवस बुधवार को आसमान में बादल छाए, तेज हवाएं चली जिससे मौसम शीतल हो गया। चूरू में सुबह धूप खिली लेकिन दोपहर बाद आसमान में घटाटोप बादलों छाए और तेज हवाओं के साथ मामूली बूंदाबांदी हुई। बूंदाबांदी तेज होती की हवाएं बारिश के बादल ले उड़ी। नम हवा और बादलवाही से गर्मी के तेवर नरम पड़े और तापमापी पारे में गिरावट आई। मौसम विभाग ने न्यूनतम 16.4 तथा अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। वहीं, सादुलपुर के गांव लुटाना मंगनी में खेत में काम कर रहे व्यक्ति पर आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई।
खेतों में पड़ी कटी फसल
रबी सीजन में सरसों और चने की फसल की कटाई का कार्य चल रहा है। खेतों में कटी फसल की ढेरिया पड़ी है तो खलिहान में कटाई की हुई फसल पड़ी है। बारिश के मौसम को देखते हुए किसान हालांकि फसलों के बचाव के उपाय किए है लेकिन खेतों अलग अलग रखी हुई ढेरियों पर बारिश हो गई तो नुकसान हो सकता है। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए किसान कटी फसल खलिहान में एकत्रित करने में जुटे हुए हैं।
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय
मौसम केंद्र के सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से पश्चिमी राजस्थान के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। इसके असर से आगामी दो-तीन दिन कुछ भागों में तेज मेघगर्जन, आंधी-बारिश, तेज हवाएं और कहीं कहीं ओलावृष्टि होने की संभावना है। इसी के साथ 19-20 मार्च को विक्षोभ का सर्वाधिक असर रहने की संभावना है। 19 मार्च को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, उदयपुर व कोटा संभाग के कुछ भागों में मेघ गर्जन के साथ तेज आंधी तथा बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की भी संभावना है।
20 मार्च को बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा संभाग के कुछ भागों में मेघ गर्जन के साथ तेज आंधी, बारिश व कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की संभावना है। 21 मार्च को मौसम शुष्क रहने एवं 22 मार्च को पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर संभाग में पुनः कंही-कंही हल्की बारिश होने की संभावना है।
किसानों को सलाह
मौसम केंद्र की ओर से किसानों को सलाह दी है कि वे खुले आसमान में पक कर तैयार कटी फसलों को ढक कर सुरक्षित रखे। कृषि मंडियों व धान मंडियों में खुले में रखे हुए अनाज व जिंसों को ढककर रखें या सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें ताकि उन्हें भीगने से बचाया जा सके।
आंधी-बारिश से खेतों में खड़ी फसलें हुई खराब, शहरी क्षेत्र में विभिन्न जगहों पर भरा पानी
सादुलपुर. शहरी में ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार को दोपहर बाद अचानक घटा टॉप बादल छा गए तथा बिन मौसम बारिश होने के कारण शहर में जगह-जगह पानी भर गया जिसके कारण आमजन को भारी परेशानी का सामना उठाना पड़ा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में फसल कटाई कर रहे किसानों को भी परेशानी उठानी पड़ी। इसके अलावा गांव भगेला में आकाशीय बिजली गिरने से दो व्यक्ति और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि गांव लुटाना मगनी में आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। शाम करीब 4 से 4:45 बजे के बीच चली तेज हवाओं और बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। इस दौरान धूलभरी आंधी इतनी तेज थी कि खेतों में कटाई कर खुले में रखी गई सरसों और चने की फसल उड़कर बिखर गई, वहीं गेहूं की फसल भी आड़ी-तिरछी होकर जमीन पर गिर गई। किसानों ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की थी, लेकिन अब फसल खराब होने से कर्ज चुकाना और परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की हुई मौत
तहसील के निकटवर्ती गांव लुटाना मंगनी में खेत में काम कर रहे व्यक्ति पर आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक की लहर छा गई। इस संबंध में नरेश कुमार ने बताया कि गांव लुटाना निवासी राजेंद्र कुमार अपने खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज गर्जना के साथ बिजली एक पेड़ पर गिरी। पेड़ के पास काम कर रहे राजेंद्र भी इसकी चपेट में आ गए। आकाशीय बिजली का प्रभाव इतना तेज था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं प्रशासन ने कहा कि मौसम खराब होने के दौरान खेतों या खुले स्थानों पर काम करने से बचने तथा पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार आकाशीय बिजली से बचाव के लिए सुरक्षित स्थान पर रहना ही सबसे प्रभावी उपाय है।यह हादसा एक बार फिर से सावधानी बरतने की आवश्यकता को दर्शाता है।