Rajasthan Politics: चूरू संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के बाद सप्ताह भर तो चुनाव परिणामों को लेकर आम आदमी के बीच कयासबाजी का दौर रहा तो राजनीति करने वाले कार्यकर्ता भी सक्रिय नजर आए, लेकिन अब तो राजनीतिक गलियारों में सुस्ती छाई हुई हैं।
Churu Lok Sabha Constituency Result: तीसरे चरण के चुनाव की चर्चा के बीच फिर चूरू परिणाम जानने के लिए लोग उतावले नजर आ रहे हैं। प्रथम चरण में चूरू संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के हुए मतदान के बाद यहां के लोगों ने भाजपा व कांग्रेस की जीत हार के सभी तरह के गुणा भाग कर लिए, लेकिन इसके बावजूद भी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसलिए ही हर चरण के मतदान पर यहां पड़े वोटों पर लोग योग निकालते नजर आ रहे हैं तो कई मतगणना के दिन के बीच लम्बे अंतराल पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त करने से नहीं चूकते और कहते हैं कि यह लम्बा समय न केवल उबाऊ है बल्कि कचोटनेवाला हैं।
चूरू संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में 19 अप्रैल को हुए मतदान के बाद सप्ताह भर तो चुनाव परिणामों को लेकर आम आदमी के बीच कयासबाजी का दौर रहा तो राजनीति करने वाले कार्यकर्ता भी सक्रिय नजर आए, लेकिन अब तो राजनीतिक गलियारों में सुस्ती छाई हुई हैं। भाजपा और कांग्रेस की गतिविधियां ठप सी दिखाई दे रही है तो देश-प्रदेश के नेताओं की आवाजाही तो बिल्कुल भी नहीं है। अचार संहिता के कारण कोई सरकारी बैठकों आदि में नेता या राज्य सरकार के किसी मंत्री आदि नहीं आ पा रहे हैं। सभी को केवल इंतजार है, चुनाव परिणाम दिवस का जिसमें अब भी चार सप्ताह का समय शेष है।
कांग्रेस के प्रत्याशी राहुल कस्वां और भाजपा के देवेन्द्र झाझडि़या भी चुनाव के बाद नजर नहीं आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर चुनाव के दौरान अत्यधिक सक्रिय रहने वाले कस्वां और झाझडि़या एक्स पर कभी कभार दिखाई तो दे रहे हैं, लेकिन पहले से वे कम नजर आ रहे हैं। आमजन भी चुनाव परिणाम को लेकर सोशल मीडिया पर जो पोस्ट डाल रहे थे अब कम नजर आ रहे हैं।
देश में चल रही चुनाव की प्रक्रिया और आचार संहिता के कारण जिले में प्रशासनिक काम काम सामान्य रूप से चल रहे हैं। हालांकि गत राज्य के मुख्य सचिव ने अधिकारियों से वीसी के माध्यम से चर्चा की थी। चूरू में भी एक उच्चाधिकारी के आने का कार्यक्रम भी था लेकिन वे नहीं आए। तारानगर में गिरदावर-पटवारियों का आन्दोलन जारी है तो कल ही वहां के तहसीलदार को हटाया गया है, जबकि वकीलों का आन्दोलन भी जारी है। समस्याओं को लेकर लोगों की ओर से जिला कलक्टर व अधिकारियों को ज्ञापन देने तथा पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन आदि भी हो रहे हैं, तो लोगों को अब न केवल परिणाम जानने बल्कि आचार संहिता संपन्न होने का इतजार है।