आईसीसी ( ICC ) के निलंबन के बाद जिम्बाब्वे क्रिकेट ( Zimbabwe Cricket Team ) टीम टी20 वर्ल्ड कप ( T20 World Cup ) के क्वालीफायर मैच भी नहीं खेल पाएगी
नई दिल्ली। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ( आईसीसी ) के द्वारा निलंबित किए जाने के बाद अब जिम्बाब्वे क्रिकेट के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। आईसीसी के इस फैसले के बाद जिम्बाब्वे क्रिकेट को अब अपने आगामी दौरों को रद्द करना पड़ रहा है। वित्तीय संकट खड़ा होने की वजह से जिम्बाब्वे को अपना बांग्लादेश का दौरा रद्द करना पड़ गया है। इसके अलावा अफगानिस्तान के खिलाफ भी होने वाली सीरीज पर अब खतरा मंडरा रहा है।
जिम्बाब्वे के सामने द्विपक्षीय सीरीज खेलने की समस्या हुई खड़ी
दरअसल, आईसीसी ने जिम्बाब्वे क्रिकेट को तत्काल प्रभाव से इंटरनेशनल क्रिकेट से बैन कर दिया था, जिसके बाद जिम्बाब्वे की टीम आईसीसी के किसी भी टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाएगी, लेकिन इस बैन से तो उसके सामने द्विपक्षीय सीरीज खेलने की भी समस्या खड़ी हो गई है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि आईसीसी के निलंबन के बाद उसे पर्याप्त फंडिंग नहीं मिल पा रही है।
बांग्लादेश दौरा रद्द, अफगानिस्तान टूर पर भी मंडराया
जिम्बाब्वे क्रिकेट के एक अधिकारी ने कहा है,"जिम्बाब्वे क्रिकेट पहली घरेलू प्रतियोगिताओं का मंच नहीं बना पाएगी और न ही अपने भविष्य में होने वाले दौरों और अन्य अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने में सक्षम होगी, जिसमें T20 त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए बांग्लादेश का दौरा भी शामिल है और सितंबर में अफगानिस्तान का दौरा भी शामिल है।''
टी20 वर्ल्ड कप के क्वालीफायर मैच भी नहीं खेल पाएगी जिम्बाब्वे
आपको बता दें कि बुधवार को आईसीसी ने जिम्बाब्वे क्रिकेट पर अनुशासन के सिद्धांतों का पालन नहीं करने के कारण बैन लगा दिया, जिसके बाद से उसके खिलाड़ियों से लेकर ग्राउंड स्टाफ तक के सभी कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं। इतना ही नहीं आईसीसी के बैन के बाद अब जिम्बाब्वे की टीम अगले साल होने वाले आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफायर मैच भी नहीं खेल पाएगी। हालांकि इस दौरान वो द्विपक्षीय सीरीज खेल सकता है, लेकिन उसके सामने वो सीरीज खेलने का भी संकट खड़ा हो चुका है।
जिम्बाब्वे को है वापसी की उम्मीद
हालांकि जिम्बाब्बे क्रिकेट बोर्ड अभी भी उम्मीद लगाए हुए हैं कि उसकी टीम मैदान पर वापसी करेगी। बोर्ड ने कहा है, "हम अपनी टीम को जितना हो सकेगा उतनी जल्द दोबारा मैदान में उतारेंगे। जिसके लिए कॉरपोरेट और SRC के साथ-साथ स्टेक होल्डर्स से भी बातचीत जारी है। जिम्बाब्वे क्रिकेट वापसी करेगा और दोबारा आईसीसी में अपना सम्मान वापस पाएगा।"