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BPL रहेगा जारी, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने मानी खिलाड़ियों की यह अजीबोगरीब मांग!

नजमुल इस्लाम के बयान से शुरू हुआ विवाद अब समाप्ति की ओर है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के आश्वासन के बाद खिलाड़ियों ने BPL बहिष्कार वापस ले लिया है और लीग दोबारा शुरू होने जा रही है।
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Jan 16, 2026
bpl to resume as per schedule
बांग्लादेश प्रीमियर लीग अपने तय कार्यक्रम के अनुसार दोबारा शुरू होने जा रही है। (फोटो- Cricbuzz)

Bangladesh Premier League to resume: बांग्लादेश क्रिकेट में पिछले कुछ दिनों से चला आ रहा विवाद अब शांत होता दिख रहा है। बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) के मौजूदा सीजन के दौरान सीनियर खिलाड़ियों और बोर्ड के बीच तनातनी की स्थिति बन गई थी। यह विवाद उस समय गहरा गया जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की फाइनेंस कमेटी के तत्कालीन चेयरमैन नजमुल इस्लाम के बयान के बाद खिलाड़ियों ने बीपीएल का बहिष्कार कर दिया। अब बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच बातचीत के बाद समाधान निकलने का दावा किया गया है और लीग अपने तय कार्यक्रम के अनुसार दोबारा शुरू होने जा रही है।

क्या थी खिलाड़ियों की मांग

खिलाड़ियों के बहिष्कार के चलते बीपीएल के कई मुकाबले स्थगित करने पड़े। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने आपात बैठक बुलाई। बैठक के बाद बोर्ड ने नजमुल इस्लाम को फाइनेंस कमेटी के चेयरमैन पद से हटा दिया। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि क्रिकेटरों के हित उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हालांकि खिलाड़ियों ने केवल पद से हटाने को पर्याप्त नहीं माना और नजमुल इस्लाम से सार्वजनिक माफी की मांग भी रखी।

बांग्लादेशी खिलाड़ियों का कहना था कि नजमुल इस्लाम की ओर से जब तक सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी जाती, तब तक वे मैदान पर नहीं लौटेंगे। इस बीच क्रिकेटर्स वेलफेयर संगठन और बोर्ड अधिकारियों के बीच लगातार बातचीत हुई। अब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों को भरोसा दिलाया है कि उनकी सभी जायज मांगों को पूरा किया जाएगा। इसी आश्वासन के बाद खिलाड़ियों ने बीपीएल का बहिष्कार वापस लेने का फैसला किया है और टूर्नामेंट तय शेड्यूल के अनुसार फिर से शुरू होगा।

विवाद की जड़

यह पूरा मामला नजमुल इस्लाम के उस बयान से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने पूर्व कप्तान और सीनियर बल्लेबाज तमीम इकबाल को 'भारत का एजेंट' कहा था। इस टिप्पणी को बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने अपमानजनक और अस्वीकार्य बताया। खिलाड़ियों का मानना था कि इस तरह की भाषा न केवल एक सीनियर खिलाड़ी बल्कि पूरे क्रिकेट सिस्टम की गरिमा को नुकसान पहुंचाती है। बयान सामने आने के बाद कई सीनियर और घरेलू क्रिकेटरों ने एकजुट होकर बांग्लादेश प्रीमियर लीग के मैचों में खेलने से इनकार कर दिया, जिससे टूर्नामेंट का कार्यक्रम प्रभावित हुआ।

Updated on:
16 Jan 2026 01:25 pm
Published on:
16 Jan 2026 01:25 pm