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‘गंभीर ने अगरकर के कंधे से चलाई बंदूक’, रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाने पर भारतीय कोच पर उठे सवाल

तिवारी ने रोहित को हटाने के पीछे के तर्क पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, शुभमन गिल की ओर नेतृत्व का ट्रांजिशन होना तय था, लेकिन इसे बेहतर तरीके से हैंडल किया जा सकता था। कम से कम न्यूजीलैंड सीरीज तक रोहित को कप्तान रहने दिया जाता।

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भारत

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Siddharth Rai

Jan 16, 2026

IND vs SA ODI series

पूर्व कप्तान रोहित शर्मा, दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और हेड कोच गौतम गंभीर (फोटो- IANS)

पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी का मानना है कि टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा को भारत की वनडे कप्तानी से हटाने के फैसले में अहम भूमिका निभाई है। तिवारी ने आरोप लगाया कि चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर पर भारतीय कोच का प्रभाव रहा होगा और फैसला पूरी तरह स्वतंत्र नहीं था। इस फैसले को तिवारी ने रोहित का अपमान बताया है।

रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाना चौंकाने वाला

रोहित शर्मा ने जून 2024 में अंतरराष्ट्रीय टी20 और मई 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, लेकिन वनडे क्रिकेट में वह शानदार फॉर्म में थे और 2027 विश्व कप को ध्यान में रखकर खुद को सर्वश्रेष्ठ स्थिति में बनाए रखना चाहते थे। इसके बावजूद अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए जब भारतीय टीम का ऐलान हुआ, तो शुभमन गिल को नया कप्तान नियुक्त कर दिया गया। यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला था, क्योंकि रोहित ने बतौर कप्तान अपने आखिरी मुकाबले में भारत को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जिताई थी।

अजीत अगरकर का मजबूत व्यक्तित्व

मनोज तिवारी का मानना है कि अजीत अगरकर का मजबूत व्यक्तित्व हैं और अपने फैसले खुद लेते हैं, लेकिन इतना बड़ा निर्णय कोच के इनपुट के बिना संभव नहीं। स्पोर्ट्स टूड़े से बातचीत में तिवारी ने कहा, "मुझे नहीं पता कि इसके पीछे असली वजह क्या है। अगरकर एक निर्णायक शख्सियत हैं, लेकिन क्या किसी ने उनके कंधे से बंदूक चलवाई, इस पर सवाल उठता है। पर्दे के पीछे बहुत कुछ होता है। कोच और चयन समिति, दोनों इस फैसले के लिए बराबर जिम्मेदार हैं।"

रोहित के कप्तान न रहने के बाद वनडे क्रिकेट देखने का उत्साह कम हुआ

तिवारी ने यह भी कहा कि रोहित के कप्तान न रहने के बाद उनका खुद का वनडे क्रिकेट देखने का उत्साह कम हो गया है, भले ही टीम में विराट कोहली जैसे दिग्गज मौजूद हों। उनके मुताबिक, मैदान पर रोहित पहले जैसे जोशीले और प्रभावशाली नहीं दिखते।

क्रिकेटिंग लॉजिक समझ से परे

तिवारी ने रोहित को हटाने के पीछे के तर्क पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, शुभमन गिल की ओर नेतृत्व का ट्रांजिशन होना तय था, लेकिन इसे बेहतर तरीके से हैंडल किया जा सकता था। कम से कम न्यूजीलैंड सीरीज तक रोहित को कप्तान रहने दिया जाता।

चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाले कप्तान को अचानक हटाना समझ से परे

उन्होंने कहा, "टी20 वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाले कप्तान को अचानक हटाना समझ से परे है। यह उस खिलाड़ी के प्रति अनादर है, जिसने क्रिकेट को इतना कुछ दिया। रोहित एक साबित कप्तान हैं, दो आईसीसी ट्रॉफी जीत चुके हैं। 2023 विश्व कप भी बस एक दिन की बात थी, अगर वह जीत जाते तो तीन ट्रॉफी होतीं।"

तिवारी ने यह भी जोड़ा कि 2027 विश्व कप को लेकर रोहित की क्षमता पर शक करना बड़ी भूल थी। उन्होंने कहा, "जिस खिलाड़ी ने तीन दोहरे शतक लगाए हों, उसकी काबिलियत पर सवाल क्यों? बड़े खिलाड़ी मुश्किल समय में ही रन बनाते हैं। कप्तानी छीनना क्रिकेटिंग लॉजिक नहीं हो सकता।"