
नई दिल्ली : कोविड-19 (Covid-19) महामारी के कारण इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का 13वां सीजन पहले से ही स्थगित है और अब भारत चीन के बीच तनाव (Indo-China Tension) के मद्देनजर उसके आयोजन पर एक नया संकट भी आ खड़ा हुआ है। भारत सरकार ने 59 चीनी एप पर प्रतिबंध लगा दिया है तो वहीं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी आईपीएल में चीनी स्पांसरशिप पर पुनर्विचार करने के संकेत दिए हैं। बता दें कि फिलहाल चीनी मोबाइल कंपनी वीवो (Vivo) आईपीएल की टाइटल स्पांसर है। पांच साल के इस करार के तहत वीवो प्रत्येक साल आईपीएल के आयोजन के लिए 441 करोड़ रुपए बीसीसीआई को देती है। आईपीएल प्रसारण का करार स्टार के साथ है। उसका मानना है कि ऐसी स्थिति में पुनर्विचार करना होगा और नए वित्तीय मॉडल का पता लगबाना होगा।
अलग वित्तीय मॉडल का लगाना होता पता
इंडियन एक्सप्रेस ने द वॉल्ट कंपनी (एशिया पैसिफिक) और स्टार एंड डिज्नी इंडिया के चेयरमैन उदय शंकर से जब यह पूछा कि ने आपकी कंपनी के पास आईपीएल प्रसारण का अधिकार है। भारत में चीनी फर्मों और उत्पादों का बहिष्कार करने से क्या आईपीएल के प्रसारण के दौरान आप पर वित्तीय रूप से असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह किसी कंपनी एक्स या वाई के खिलाफ लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि बड़े सामाजिक या राष्ट्रीय हित में चीनी कंपनियों (Chinese Company) को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया गया है। इसलिए हम अलग वित्तीय मॉडल का पता लगाने का प्रयास करेंगे।
बीसीसीआई से है पांच साल का करार
स्टार इंडिया ने 2017 में पांच साल के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से इंडियन प्रीमियर लीग के प्रसारण का अधिकार 16,347.50 करोड़ रुपए में खरीदा था। भारत-चीन के बीच पैदा हुए तनाव के मद्देनजर पिछले दिनों बीसीसीआई ने कहा था कि वह चीनी कंपनियों के साथ आईपीएल के प्रायोजन सौदों की समीक्षा कर रहा है। इस पर उदय शंकर ने कहा कि उनका निवेश किसी भी देश या खास कंपनी के भरोसे नहीं किया गया है। हमारा मानना है कि क्रिकेट में बड़ी ताकत है और यह शक्ति भारतीय उपभोक्ताओं के क्रिकेट के साथ साथ गहराई से जुड़े रहने के कारण आती है। अगर कोई चीज लोगों को इतना पसंद है, तो लोग इसकी कीमत चुकाने को तैयार रहेंगे।
कमेंटेटर खेल को बनाते हैं मनोरंजक
लोगों की राय पर खेल कमेंटेटर को हटाए जाने की संभावनाओं पर उदय शंकर ने कहा कि सबसे पहली बात तो यह कि क्रिकेट पत्रकारों और क्रिकेट कमेंटेटरों के बीच अंतर करने की जरूरत है। एक पत्रकार वह सबकुछ कहने के लिए स्वतंत्र है, जो वह कहना चाहता है, जबकि उनके ख्याल से कमेंटेटर पत्रकार नहीं होता। उसका काम खेल को अधिक मनोरंजक, अधिक लोकप्रिय बनाना होता है। वह पूरे पैकेज का हिस्सा होता है। उन्होंने कहा कि वह अक्सर कमेंटेटरों को यह गलती करते देखते हैं, जबकि इस पर उनका स्पष्ट विचार है कि पत्रकार की भूमिका अलग होती है और कमेंटेटर की अलग।
आईपीएल के आयोजन पर बोले, चल रही हैं चर्चा
इस सीजन में आईपीएल आयोजित करने की संभावना पर बात करते हुए उदय शंकर ने कहा कि जिन लोगों को क्रिकेट से प्यार है, उनके लिए आईपीएल हो। यह जीवन की जीत का भी संकेत है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के कारण देश में लगे लॉकडाउन के कारण बीसीसीआई को आईपीएल को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने को मजबूर होना पड़ा, जबकि इसे 29 मार्च से ही शुरू होना था। उन्होंने आईपीएल के आयोजन को लेकर कहा कि हम इस पर चर्चा कर रहे हैं और योजना योजना बना रहे हैं, लेकिन हम यह भी चाहेंगे कि जब तक माहौल पूरी तरह सुरक्षित न हो टूर्नामेंट तब तक आयोजित नहीं किया जाए।