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चिन्मय सुतार ने लगाई रनों की झड़ी, रणजी ट्रॉफी के एक मैच में ठोक डाले नाबाद 400 रन

Ranji Trophy: रणजी ट्रॉफी में मिजोरम बनाम नागालैंड के मैच में मिजोरम के चिन्मय सुतार ने रनों की झड़ी लगाते हुए 400 रन की नाबाद पारी खेली।
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Oct 19, 2026
Chinmay Sutar
चिन्मय सुतार (Photo - @CricCrazyJohns)

रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) के प्लेट डिवीज़न में आज, सोमवार, 19 अक्टूबर को मिजोरम के लिए खेलने वाले बल्लेबाज चिन्मय सुतार (Chinmay Sutar) ने नागालैंड के खिलाफ सोविमा स्थित नागालैंड क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मैच में शानदार पारी खेली। चिन्मय ने नाबाद 400 रन बनाए। अपनी पारी में उन्होंने 517 गेंदों का सामना करते हुए 46 चौके और 7 छक्के जड़े। इसके बाद मिजोरम ने 9 विकेट के नुकसान पर 581 रन पर पारी घोषित कर दी।

बने ऐसा करने वाले दूसरे बल्लेबाज

रणजी ट्रॉफी के इतिहास में 400 या उससे ज़्यादा रन बनाने वाले चिन्मय दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। चिन्मय से पहले 1948 में बी.बी. निम्बालकर ने महाराष्ट्र की ओर से काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन की पारी खेली थी।

दूसरे मैच में ही कर दिया कमाल

नागालैंड के खिलाफ मिजोरम का यह मैच चिन्मय के करियर का दूसरा फर्स्ट-क्लास मैच था और इसी में उन्होंने कमाल कर दिया। डेब्यू मैच में मणिपुर के खिलाफ उन्होंने पहली पारी में 35 और दूसरी में 99 रन बनाए थे।

मुंबई के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में खेल चुके हैं चिन्मय

29 वर्षीय चिन्मय का जन्म 3 मई 1997 को हुआ था। दाएं हाथ के बल्लेबाज चिन्मय पहले मुंबई के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में खेल चुके हैं। बाद में वह मिजोरम चले गए थे।

पिता है पूर्व क्रिकेटर और कोच

चिन्मय के पिता राजेश सुतार जिन्हें राजू सुतार के नाम से भी जाना जाता है, मुंबई के पूर्व क्रिकेटर और कोच हैं। उन्होंने 1998 में एक मैच में सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के साथ ओपनिंग की थी।

T20 मुंबई लीग 2025 में बनाए थे सबसे ज़्यादा रन

15 साल की उम्र में टीबी की बीमारी की वजह से चिन्मय को करीब एक साल क्रिकेट के मैदान से दूर रहना पड़ा। हालांकि इसके बावजूद चिन्मय ने हार नहीं मानी। चिन्मय ने भारत की अंडर-23 इमर्जिंग टीम में जगह बनाई और एसीसी इमर्जिंग टीम्स एशिया कप में शतक भी जड़ा। T20 मुंबई लीग 2025 में भी चिन्मय ने कमाल की बल्लेबाजी की। इस टूर्नामेंट में चिन्मय ने सबसे ज़्यादा रन बनाते हुए ऑरेंज कैप अपने नाम की और अपनी टीम मुंबई साउथ सेंट्रल मराठा रॉयल्स को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई।