
Darren Sammy: वेस्टइंडीज ने वनडे और टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय टीम को कड़ी टक्कर दी है। वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के शानदार प्रदर्शन के बाद मुख्य कोच डैरेन सैमी ने उम्मीद जताई है कि भारत के खिलाफ इस सीरीज के बाद प्रायोजकों के साथ बेहतर बातचीत का रास्ता खुलेगा और वेस्टइंडीज क्रिकेट में निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने आर्थिक संकट से जूझ रहे वेस्टइंडीज क्रिकेट में निवेश बढ़ाने की अपील की और कहा कि किसी न किसी को कैरेबियाई क्रिकेट का सहारा बनना होगा।
कोच डैरेन सैमी ने वेस्टइंडीज और भारतीय क्रिकेट की मौजूदा आर्थिक स्थिति की तुलना की। उन्होंने कहा कि भारत जब भी आईसीसी टूर्नामेंट में खेलने उतरता है, तो उससे विश्व कप जीतने की उम्मीद की जाती है। भारतीय टीम भी जीत के इरादे से मैदान पर उतरती है। ऐसा इसलिए संभव हो पाता है, क्योंकि इसके लिए जरूरी व्यवस्थाएं और संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज को टूर्नामेंट में खेलते समय कई मुश्किलों का सामना करने के बावजूद बेहतर प्रदर्शन करना पड़ता है। सैमी को उम्मीद है कि भारत के खिलाफ सीरीज के बाद हितधारकों और प्रायोजकों के साथ उनकी बातचीत पहले की तुलना में बेहतर होगी। उन्होंने आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत के खिलाफ टीम के प्रदर्शन और खिलाड़ियों के आत्मविश्वास में आए बदलाव पर भी खुशी जताई।
वेस्टइंडीज के कोच डैरेन सैमी ने टी-20 इंटरनेशनल सीरीज के दौरान रोस्टन चेज और गुडाकेश मोती के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इन गेंदबाजों ने भारतीय टीम के रन बनाने के अवसरों को सीमित किया और उस पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभाई।
डैरेन सैमी ने कहा कि ऐसा करने के लिए सिर्फ सही मानसिकता की जरूरत होती है, न कि हर गेंद पर ज्यादा बाउंड्री रोकने की कोशिश करने की। अच्छी पिचों पर यही सबसे अहम बात है।
उन्होंने कहा, 'आंकड़े तो मुझे नहीं पता, लेकिन मुझे यकीन है कि इस सीरीज में सबसे ज्यादा डॉट गेंदें इन्हीं गेंदबाजों ने डाली होंगी।' उन्होंने आगे कहा कि जब सीरीज शुरू हुई थी, तब शायद वेस्टइंडीज के पास ज्यादा मौके नहीं माने जा रहे थे। हालांकि, यह दूसरों की राय थी। एक टीम के तौर पर वे चुनौतियों को कभी हल्के में नहीं लेते और लगातार छोटे-छोटे कदम आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं।