
नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच जारी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच बर्मिघम के एजबेस्टन क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया। इस रोमांचक मैच में भारत को इंग्लैंड ने 31 रनों से मात देकर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली। इस मैच में भारतीय कप्तान विराट कोहली ने एड़ी से छोटी तक का जोर लगा दिया फिर भी वे अपनी टीम को जीत नहीं दिला पाए। ऐसे में अगर अब कोहली को अगला मैच जीतना है तो कुछ शख्त फैसले लेने होंगे और इन तीन खिलाड़ियों को करना होगा टीम से बाहर।
शिखर धवन - चेतेश्वर पुजारा
कप्तान कोहली को दोस्ती भूल इस बार सलामी बल्लेबाज शिखर धवन को बाहर करना होगा। इस दौरे में धवन का बल्ला पूरी तरह शांत रहा है। धवन अब तक तीन टी20, तीन वनडे और एक टेस्ट खेल चुके हैं जिनमें उन्होंने अब तक एक भी अर्धशतक नहीं लगाया है। ऐसे में धवन को बाहर कर टीम की रीड़ की हड्डी कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा को मौका देना होगा। पुजारा टेस्ट में भारत के सबसे अहम बल्लेबाज हैं और उनके पास काउंटी क्रिकेट का अनुभव भी है।
हार्दिक पांड्या- रविंद्र जड़ेजा
टीम के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने ना बल्ले से ना ही गेंद से अब तक कोई कारनामा किया है। हालांकि पहले टेस्ट की दूसरी पारी में उन्होंने कुछ रन बनाए थे लेकिन वे टीम को जीत नहीं दिला सके। ऐसे में जडेजा को टीम में मौका दिया जाना चाहिए, रविचंद्र अश्विन के बाद जड़ेजा टीम के मुख्य गेंदबाजों में से एक हैं और वक़्त आने पर शानदार बल्लेबाजी भी कर लेते हैं।
उमेश यादव - जसप्रीत बुमराह
इस मैच में जहां टीम के बाकि तेज गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया वहीं उमेश यादव कुछ खास नहीं कर पाए। उमेश सही लाइन और लेंथ नहीं भाप पाए और विकेट लेने में असमर्थ रहे। ऐसे में उनकी जगह जसप्रीत बुमराह को मौका दिया जा सकता है। जसप्रीत ने दक्षिण अफ्रीका में शानदार गेंदबाजी की थी।
कोहली के अलावा कोई नहीं चला
बता दें इस मैच में कोहली की एक और संघर्षपूर्ण पारी आखिरकार व्यर्थ चली गई। वह दूसरे छोर से समर्थन न मिलने के कारण अपनी टीम को काफी प्रयासों के बाद भी यहां इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में खेले गए पहले टेस्ट मैच में जीत नहीं दिला पाए। इंग्लैंड ने एक छोर से लगातार विकेट लेकर कोहली की जुझारू पारी को जाया कर दिया और भारत को 31 रनों से मात देकर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली। यह इंग्लैंड के 1000वां टेस्ट मैच था, जिसे जीतकर उसने इस ऐतिहासिक पल को यादगार बना दिया। इंग्लैंड ने चौथी पारी में भारत के सामने 194 रनों का लक्ष्य रखा था। भारतीय बल्लेबाज इंग्लैंड के हालात और पिच से तेज गेंदबाजों को मिल रही मदद के सामने अपने पैर जमा नहीं पाए। पूरी टीम 54.2 ओवरों में 162 रनों पर ढेर होकर मैच हारने पर मजबूर हो गई। कोहली ने अकेले खड़े रहते हुए 93 गेंदों में चार चौकों की मदद से 51 रनों की पारी खेली। उनके अलावा कोई और बल्लेबाज अर्धशतक के आस-पास भी नहीं पहुंच सका।