India vs Australia: न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी में डेब्यू करने वाले वरुण चक्रवर्ती ने शानदार गेंदबाजी कर टीम इंडिया को आसान जीत दिला दी। अब सवाल ये है कि क्या वह सेमीफाइनल खेलेंगे या नहीं?
Champions Trophy 2025 India vs Australia: रविवार को दुबई में एक 'चक्रवात' आया और न्यूजीलैंड को ले डूबा। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के ग्रुप स्टेज के आखिरी मुकाबले में टीम इंडिया ने वरुण चक्रवर्ती की शानदार गेंदबाजी की बदौलत 44 रन से मुकबाला जीत लिया। चक्रवर्ती ने इस मुकाबले में 42 रन देकर 5 विकेट हासिल किए। उनकी जगह हर्षित राणा को प्लेइंग 11 से बाहर होना पड़ा था। साथ ही अर्शदीप सिंह तो अब तक एक मैच भी नहीं खेल पाए हैं। ऐसे में सवाल ये है कि क्या वरुण चक्रवर्ती को सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैदान पर उतारा जाएगा या नहीं? जब यही सवाल रोहित शर्मा से पूछा गया तो उन्होंने कुछ ऐसा जवाब दिया, जिससे संकेट मिले कि चक्रवर्ती सेमीफाइनल में भी खेलेंगे।
जब रोहित से पूछा गया कि क्या सेमीफाइनल में वरुण चक्रवर्ती को खिलाने पर विचार किया जा रहा है, तो उन्होंने कहा, "उसने यह दिखा दिया कि वह क्या कर सकता है। अब हमें सोचना होगा कि टीम संयोजन को कैसे सही किया जाए। उसे मौका मिला और उसने शानदार प्रदर्शन किया। मैच के बाद भी मैंने कहा था कि उसके अंदर कुछ अलग है। जब वह सही लय में होता है, तो शानदार गेंदबाजी करता है और पांच विकेट तक ले जाता है।" रोहित ने टीम चयन को अच्छा सिरदर्द बताते हुए आगे कहा, "हम यह भी देखना चाहेंगे कि ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी किस तरह की दिखेगी और उसके खिलाफ कौन-सी गेंदबाजी कारगर रहेगी।"
गौरतलब है कि 2021 में दुबई में हुए टी20 वर्ल्ड कप में वरुण चक्रवर्ती का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था और वह कोई विकेट नहीं ले पाए थे। लेकिन इस बार उसी मैदान पर उन्होंने शानदार वापसी की और अपने सिर्फ दूसरे वनडे मैच में पांच विकेट झटककर भारत को बड़ी जीत दिलाई। वरुण चक्रवर्ती ने 2021 में जब भारतीय टीम के लिए खेला था, तब की तुलना में 2025 में वह अपनी गेंदबाजी में ज्यादा सटीकता ला रहे हैं और अलग-अलग फॉर्मेट में खेलने से उन्हें ज्यादा अनुभव भी मिल रहा है। रोहित शर्मा का मानना है कि यही उनकी सबसे बड़ी मजबूती बनी है।
रोहित ने कहा, "अगर वरुण की बात करें तो 2021 में जब वह भारत के लिए खेले थे, तब की तुलना में अब उनकी गेंदबाजी में कहीं अधिक सटीकता है। तब उनके खेल में थोड़े अनुभव की कमी थी क्योंकि उन्होंने ज्यादा क्रिकेट नहीं खेला था। लेकिन पिछले दो-तीन सालों में उन्होंने घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और भारत के लिए टी20 और अब वनडे में भी काफी मैच खेले हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "अब उन्हें अपनी गेंदबाजी अच्छे से समझ में आने लगी है। उनकी गेंदबाजी में कुछ खास बात है, जिसका वह फायदा उठा रहे हैं। यहां तक कि हमारे कुछ बल्लेबाज भी उन्हें ठीक से नहीं पढ़ पाए, जो अच्छी बात है। उनकी सटीकता बढ़ी है और गति में बदलाव करने की क्षमता शानदार हो गई है। मैं जब स्लिप में खड़ा था, तब मैंने देखा कि उन्होंने अपनी विविधता में काफी सुधार किया है। जब आप रहस्यमयी गेंदबाज होते हैं, तो सिर्फ एक ही अंदाज में गेंदबाजी नहीं कर सकते। आपको अपनी गति में बदलाव लाना जरूरी होता है, साथ ही गेंदों को सही दिशा में डालना भी महत्वपूर्ण होता है। वरुण ने इन दोनों चीजों पर काम किया है और अब आप देख सकते हैं कि वह लगातार विकेट ले रहे हैं, जो हमारी टीम के लिए अच्छा संकेत है।"
इसके अलावा, रोहित ने यह भी बताया कि 12 फरवरी को चैंपियंस ट्रॉफी की मुख्य टीम में वरुण को शामिल करने का फैसला कैसे लिया गया। उन्होंने कहा, "हमने वरुण को टीम में लाने के लिए एक बल्लेबाज को कम किया। क्योंकि यह टूर्नामेंट सिर्फ पांच मैचों का है और संभावना बहुत कम थी कि वह बल्लेबाज किसी भी मैच में खेलेगा। आप टीम बनाते समय इस सोच के साथ नहीं चलते कि कोई चोटिल होगा। अगर ऐसा होता भी है, तो हम हमेशा किसी और खिलाड़ी को बुला सकते हैं। लेकिन वरुण के साथ मामला अलग था। हमें पता था कि उनके खेलने की संभावना ज्यादा है, चाहे कोई चोटिल हो या नहीं।"