IND vs NZ 1st T20 Highlights: न्यूजीलैंड के खिलाफ सिर्फ 35 गेंदों पर 84 रनों की धमाकेदार पारी के लिए अभिषेक शर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस अवॉर्ड को पाने के बाद अभिषेक ने अपनी बल्लेबाजी को लेकर खुलकर बात की।
IND vs NZ 1st T20 Highlights: अभिषेक शर्मा की 35 गेंदों पर 8 छक्कों और 5 चौकों के साथ 84 रन की तूफानी पारी की मदद से भारत ने 238 रनों का विशाल स्कोर बनाया। इसके जवाब में न्यूजीलैंड की टीम सात विकेट के नुकसान पर 190 रन ही बना सकी और 48 रन से मुकाबला हार गई। इसके साथ टीम इंडिया पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 से बढ़त हासिल कर ली है। अभिषेक को इस मैच विनिंग पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया। मैच के बाद अभिषेक ने यह कहत हुए दिल जीत लिया कि मैं कभी रेंज हिटिंग नहीं करूंगा, क्योंकि मैं उस तरह का मजबूत लड़का नहीं हूं। मुझे लगता है कि मैं ज्यादा टाइमिंग वाला बैटर हूं। मुझे बस बॉल देखकर कंडीशंस के हिसाब से ढलना होता है।
प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब लेने के बाद अभिषेक शर्मा ने कहा कि हमारे पास एक योजना थी और हम उसी पर अमल कर रहे हैं। मैंने यह समझ लिया है कि अगर आपको हर गेंद पर हिट करना है या 200 के स्ट्राइक रेट से खेलना है तो इरादे के साथ खेलना जरूरी है। हर टीम मेरे खिलाफ एक योजना बनाती है। ऐसे में यह मेरी तैयारी पर निर्भर करता है। मैं अपनी प्रवृत्ति पर भरोसा करूंगा।
क्या छक्के मारना एक हाई-रिस्क स्ट्रैटेजी है? इस पर उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह हाई रिस्क है, लेकिन मेरे लिए यह मेरा कम्फर्ट जोन है। मैं हमेशा चाहता हूं कि टीम पहले हो, क्योंकि वे पहले छह ओवर का इस्तेमाल करना चाहते हैं और मैंने नेट्स से पहले भी इसी की प्रैक्टिस की है। अगर मुझे पहले तीन, चार ओवर में स्कोर मिल जाता है तो आप जानते हैं, हमें हमेशा अपर हैंड मिलता है।
क्या आप रेंज-हिटिंग करते हैं? इस पर उन्होंने कहा कि नहीं, मैं कभी रेंज हिटिंग नहीं करूंगा, क्योंकि मैं उस तरह का मजबूत लड़का नहीं हूं। मुझे लगता है कि मैं ज्यादा टाइमिंग वाला बैटर हूं। मुझे बस बॉल देखनी होती है और कंडीशंस के हिसाब से ढलना होता है, क्योंकि हम अभी पूरे इंडिया में खेल रहे हैं। इसलिए मुझे कंडीशन के हिसाब से बहुत जल्दी एडजस्ट करना होता है। मैं एक दिन पहले या जब भी मुझे नेट सेशन मिलता है, मैं प्लान बनाता हूं।
कौन सी बॉल हिट करनी है? इस पर अभिषेक ने कहा कि अगर आप अपनी बैटिंग के वीडियो भी देखते हैं तो आपको एक आइडिया मिल जाता है कि बॉलर कहां बॉलिंग करने का प्लान बना रहा है या शायद मैं अपने शॉट्स कहां खेलूंगा। लेकिन, यह हमेशा मेरे शॉट्स पर भरोसा करने के बारे में होता है, क्योंकि मेरे पास बहुत सारे शॉट्स नहीं हैं। बस कुछ ही शॉट्स हैं, जिनकी मैं बहुत प्रैक्टिस करता हूं और उन्हें ही एग्जीक्यूट करता हूं।