दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए पहले मुक़ाबले में भारत को 76 रन की हार का सामना करना पड़ा था। जिस वजह से टीम का नेट रन रेट -3.800 हो गया है। यही वजह है कि जिम्बाब्वे के खिलाफ टीम को नेट रन रेट सुधार पर भी ध्यान देना होगा।
India vs Zimbabwe, Qualification math explained: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का 48वां मुक़ाबला भारत और जिम्बाब्वे के बीच आज खेला जाएगा। सुपर 8 का यह मुक़ाबला चेन्नई के एम ए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा। इस टूर्नामेंट में खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में उतरा गत चैम्पियन भारत 'करो या मरो' स्थिति में फंस गया है और सेमीफाइनल की अपनी उम्मीदों के लिए उसे गुरूवार को जिम्बाब्वे को हर हाल में हराना होगा।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए पहले सुपर 8 मुक़ाबले में भारत को 76 रन की हार का सामना करना पड़ा था। जिस वजह से टीम का नेट रन रेट -3.800 हो गया है। यही वजह है कि जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबला सिर्फ ‘करो या मरो’ वाला मैच नहीं है, बल्कि इस मैच में टीम को नेट रन रेट सुधार पर भी ध्यान देना होगा। ऐसे में आइए जानते हैं कि टीम इंडिया को अपना नेट रन रेट प्लस में लाने के लिए जिम्बाब्वे पर कितनी बड़ी जीत दर्ज़ करनी होगी।
अगर भारत पहले बल्लेबाजी करता है, तो उसे कम से कम 77 रन से जीत दर्ज करनी होगी, ताकि उसका नेट रन रेट पॉजिटिव हो सके।
चेज़ करते समय समीकरण पूरी तरह बदल जाता है। 16-17 ओवर में सामान्य जीत नेट रन रेट सुधार सकती है, लेकिन उसे तुरंत पॉजिटिव में ले जाना शायद संभव न हो। नेट रन रेट को शून्य से ऊपर ले जाने के लिए भारत को लगभग एकतरफा अंदाज में मैच खत्म करना होगा, यानी 10 से 12 ओवर के भीतर लक्ष्य हासिल करना होगा।
नॉकआउट में पहुंचने के लिए भारत सुपर-8 के अपने अंतिम दोनों मुकाबलों को बड़े अंतर से जीतने के साथ चाहेगा कि दक्षिण अफ्रीका अपने अगले दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज करे। भारत और जिम्बाब्वे के बीच अब तक कुल 13 टी20 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें भारत ने 10 मैच जीते, जबकि जिम्बाब्वे ने 3 मुकाबलों को अपने नाम किया। इनमें एक मैच विश्व कप में खेला गया, जिसे टीम इंडिया ने 71 रन से जीता था। जिम्बाब्वे ने भारत के खिलाफ भारत में कभी कोई टी20 मैच नहीं खेला है।