- विराट कोहली ( Virat Kohli ) ने टीम इंडिया ( Team India ) के बिजी शेड्यूल पर चिंता जाहिर की थी - कोहली की बात के समर्थन में आए थे राजीव शुक्ला ( Rajiv Shukla )
नई दिल्ली। साल 2019 की तरह टीम इंडिया का 2020 में भी शेड्यूल बहुत ज्यादा बिजी है। इस साल के आखिर में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप तक भारतीय टीम को बिल्कुल फुर्सत नहीं मिलने वाली है और इसको लेकर भारतीय कप्तान विराट कोहली ( Virat Kohli ) ने हाल ही में चिंता जाहिर की थी। दरअसल, कोहली ने गुरूवार को टीम के बिजी शेड्यूल पर चिंता जाहिर की थी। बाद में आईपीएल ( IPL ) के पूर्व चेयरमैन राजीव शुक्ला ( Rajiv Shukla )ने भी कोहली की बात का समर्थन कर दिया था।
धोनी, कोहली और रवि शास्त्री की मौजूदगी में बना था FTP
अब इस पूरे घमासान के बीच सीओए ( cricket of administrators ) की तरफ से कहा गया है कि जब टीम इंडिया फ्यूचर टूर प्रोग्राम (एफटीपी) बनाया जा रहा था तो उस वक्त कप्तान कोहली और कोच रवि शास्त्री के साथ डिस्कस किया गया था। सीओए के तरफ से कहा गया है कि इस मीटिंग में पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ( Mahendra Singh Dhoni ) भी मौजूद थे।
टीम के शेड्यूल पर सवाल उठाने का तुक नहीं बनता- CoA
सीओए ने कहा है, ‘एफटीपी के बारे में फैसला सीओए नहीं करता। हमने पूरा प्लान कोहली, शास्त्री, धोनी के सामने डिस्कस किया था। 2020 में टी-20 वर्ल्ड कप होना है, इसलिए वे ज्यादा से ज्यादा टी20 खेलना चाहते थे। उस मीटिंग में मैचों की तारीख के बारे में कोई सवाल नहीं उठाया गया था, लेकिन अब उस पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिनका कोई तुक नहीं बनता।’
कोहली को मीडिया के सामने नहीं उठानी चाहिए थी ये बात- BCCI
इस पूरे मामले पर बीसीसीआई के अधिकारियों का कहना है कि कोहली को इस मामले को मीडिया के सामने नहीं उठाना चाहिए था, बल्कि इससे संबंधित अफसरों के सामने इस बात को उठाते। बीसीसीआई के मुताबिक, ‘यदि कोहली बीसीसीआई सचिव के सामने यह मामला उठाते, तो इस पर कुछ किया जा सकता। कोहली कहीं भी अपनी बात कहने के लिए आजाद हैं, लेकिन, यहां अपनी बात रखने का एक सिस्टम है। शेड्यूल टाइट था, लेकिन सीओए और सीईओ की निगरानी में तैयार शेड्यूल में कोई समस्या नहीं दिखती।’