KKR vs LSG Match Highlights: लखनऊ सुपर जायंट्स ने गुरुवार रात कोलकाता नाइट राइडर्स को 3 विकेट से हरा दिया। इस मुकाबले में केकेआर जीतती नजर आ रही थी, लेकिन आखिरी दो ओवर में मुकुल चौधरी ने मैच का रुख बदल दिया। इस हार का ठीकरा अजिंक्य रहाणे ने फील्डर्स पर फोड़ा।
KKR vs LSG Match Highlights: आईपीएल 2026 में गुरुवार रात ईडन गार्डन्स के मैदान पर सांसें रोक देने वाले मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 3 विकेट से हरा दियाया। एलएसजी की तरफ से युवा बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने अर्धशतकीय पारी खेलते हुए हारी हुई बाजी को पलट दिया। 182 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी एलएसजी के लिए मुकुल चौधरी ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 27 गेंदों में 54 रनों की नाबाद पारी खेलकर जीत दिलाई। इस हार के लिए केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने मुकुल की तारीफ करते हुए हार के लिए अपने फील्डर्स को दोषी ठहराया।
मैच के बाद केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने कहा कि इस हार को पचाना मुश्किल है। मुझे अपने लड़कों पर सच में गर्व है, जिस तरह से हमने खेला। मुझे लगा कि मुकुल चौधरी की पारी निर्णायक थी। उसने बहुत बहादुरी से अपने शॉट्स खेले। लेकिन ऐसे मैचों में आप बहुत ज्यादा कमियां नहीं निकालना चाहते। मुझे लगा कि 18 ओवर तक हम बहुत अच्छा खेल रहे थे। आखिरी दो ओवरों में कभी-कभी चूक हो जाती है। लेकिन, इसका श्रेय मुकुल और उस साझेदारी को जाता है।
क्या विकेट की लेंथ पर धीमी गेंदें डालना आपके लिए कारगर रहा? इस सवाल पर रहाणे ने कहा कि हां, वे गेंदें काम कर गईं। उनके लिए खोने के लिए कुछ नहीं था। दो ओवर जीतने के लिए 30 रन। हर गेंद पर वे बल्ला घुमा रहे थे। जैसा कि मैंने कहा कि उन शॉट्स को खेलने के लिए वह सच में बहादुर था। कुछ शानदार शॉट्स थे। मुझे लगा कि कुछ शानदार गेंदें डाली गईं, लेकिन उसने कमाल की बल्लेबाजी की। मैं कहूंगा कि कुछ गलत फील्डिंग हुई, लेकिन उसके अलावा हमारे गेंदबाजों ने शानदार काम किया।
इस मैच को कैसे देखते हैं? इस पर उन्होंने कहा कि जब आप कोई मैच हारते हैं, तो आप आसानी से उन चीजों के बारे में सोच सकते हैं, जो हम बेहतर कर सकते थे। बल्लेबाजी के मामले में रघुवंशी और मेरे बीच जो साझेदारी हुई, और फिर रोवमैन पॉवेल और कैमरन ग्रीन के बीच, इस विकेट पर 180, 185 का स्कोर बहुत अच्छा था। बड़े शॉट्स खेलना आसान नहीं था। धीमी गेंदें रुककर आ रही थीं, उन्हें मारना मुश्किल था।
क्या आखिरी ओवर की पहली गेंद पर आवेश को घेरने का कोई विचार था? इस रहाणे ने कहा कि इरादा आवेश खान को स्ट्राइक पर रखने का था। लेकिन फिर से फील्डिंग पर लगी पाबंदी और समय सीमा के कारण हमें पांच फील्डर अंदर रखने पड़े। इसलिए यह गेंदबाजों के लिए भी मुश्किल होता है। जब आपके पास सर्कल के अंदर पांच फील्डर होते हैं, खासकर आखिरी ओवर में गेंदबाजी करते समय तो यह मुश्किल होता है।