
कुलदीप बेहद गरीब परिवार से आते हैं। उनके पिता उन्नाव जिले के छोटे से गांव में ईट-भट्टे के मालिक हैं। कुलदीप के सर पर बचपन से ही क्रिकेट का भूत सवार था। भरतीय क्रिकेट के 87 साल के इतिहास में आज तक भारत में कोई भी 'चाइनामैन' गेंदबाज नहीं हुआ। कुलदीप भारत के पहले चाइनामैन गेंदबाज हैं।
बचपन से था क्रिकेट का जनून -
गरीब परिवार में जन्मे कुलदीप ने अपने हुनर से वो कर दिखाया जिसकी कल्पना हर माँ-बाप करते हैं। कुलदीप के पिता उन्नाव जिले के छोटे से गांव में ईट-भट्टे के मालिक हैं। कुलदीप के सर पर बचपन से ही क्रिकेट का भूत सवार था। क्रिकेट के प्रति बेटे के जनून को देखते हुए कुलदीप के पिता रामसिंह यादव ने कानपुर में बसने का फैसला किया बस फिर क्या था कुलदीप को अपने जीवन में एक दिशा मिल गई और भारत को उसका पहला चाइनामैन गेंदबाज मिल गया।
भारत का पहला चाइनामैन -
भरतीय क्रिकेट के 87 साल के इतिहास में आज तक भारत में कोई भी 'चाइनामैन' गेंदबाज नहीं हुआ। कुलदीप भारत के पहले चाइनामैन गेंदबाज हैं। कुलदीप क्रिकेट के शुरुआती दिनों में टीम में नहीं चुने जाने के कारण काफी निराश थे और उन्होंने क्रिकेट छोड़ने का मन बना लिया था। बाद में बहन के समझाने पर उन्होंने फिर से वापसी की और आज भारतीय टीम के सबसे अच्छे स्पिन गेंदबाजों में से एक हैं। कुलदीप हर परिस्थिति में शानदार गेंदबाजी करते हैं इसका नमूना वे इस सीरीज में दिखा चुके हैं।
28 साल के कुलदीप यादव के टेस्ट करियर की बात करें, तो यह उनका सिर्फ 8वां ही मैच है। वे अब तक 22 की औसत से 30 विकेट झटक चुके हैं। 57 रन देकर 5 विकेट बेस्ट प्रदर्शन है। वे 2 बार 3 विकेट ले चुके हैं। उनका फर्स्ट क्लास क्रिकेट का रिकॉर्ड बेहतरीन है। कुलदीप ने अब तक 34 मैच की 56 पारियों में 31 की औसत से 126 विकेट लिए हैं। 79 रन देकर 6 विकेट बेस्ट प्रदर्शन रहा है। उन्होंने 8 बार 4 और 6 बार 5 विकेट झटके हैं। वहीं एक शतक और 6 अर्धशतक के सहारे 874 रन भी बनाए हैं। 117 रन उनका बेस्ट स्कोर है। उनका ओवरऑल टी20 में भी रिकॉर्ड अच्छा है। उन्होंने 121 मैच में 149 विकेट लिए हैं।
कुलदीप इस मुकाबले से पहले तक 7 टेस्ट, 73 वनडे और 25 टी20 इंटरनेशनल के मुकाबले खेले हैं। वनडे में उन्होंने 28 की औसत से 119 विकेट लिए हैं। 25 रन देकर 6 विकेट बेस्ट प्रदर्शन रहा है। 5 बार 4 और एक बार 5 विकेट लिया है। वहीं टी20 में 14 की औसत से 44 विकेट झटके हैं। 24 रन देकर 5 विकेट सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। वे लिस्ट-ए क्रिकेट में 140 विकेट झटक चुके हैं।