No Handshake policy: आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर सिक्स मुकाबले में फिर से भारत और पाकिस्तान के कप्तानों के हाथ नहीं मिले हैं।
No Handshake policy: आप सीनियर भारतीय टीम, महिला टीम या यूथ वनडे में पाकिस्तान के खिलाफ खेल सकते हैं। लेकिन, आप पाकिस्तानी समकक्षों से हाथ नहीं मिला सकते। यह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से एशिया कप 2025 से लागू की गई नो हैंडशेक पॉलिसी, जिसने पिछले साल क्रिकेट से ज्यादा सुर्खियां बटोरीं। इसका नजारा रविवार को जिम्बाब्वे में भारत बनाम पाकिस्तान आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 सुपर सिक्स मुकाबले में भी देखने को मिला।
टॉस के दौरान दोनों कप्तानों का एक-दूसरे से हाथ मिलाकर अभिवादन करना आम बात है। लेकिन, बुलावायो में जब भारत के कप्तान आयुष म्हात्रे और पाकिस्तान के कप्तान फरहान यूसुफ पिच पर आए तो फिर वही हुआ जिसकी उम्मीद थी। कोई हैंडशेक नहीं, सिर्फ टॉस हुआ, जिसमें पाकिस्तान ने टूर्नामेंट में बने रहने के लिए चेज करने का फैसला किया। बता दें कि भारत लगभग सेमीफाइनल में पहुंच चुका है, लेकिन उसे बड़ी हार से बचना होगा।
जब से पाकिस्तान ने कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला किया है, तब से भारत का उनके प्रति रवैया बदल गया है। सरकार की तरफ से यह तय किया गया है कि दोनों टीमें सिर्फ मल्टी-नेशन टूर्नामेंट में ही एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकती हैं।
भारत की सीनियर टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 2025 एशिया कप में पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा को तीन बार ग्रीट करने से इनकार कर दिया था, जिससे एक मिसाल कायम हुई। यह ट्रेंड 2025 महिला वनडे वर्ल्ड कप में हरमनप्रीत कौर और फातिमा सना के एक-दूसरे को नजरअंदाज करने के साथ जारी रहा। इसी तरह की घटनाएं पुरुषों के अंडर-19 2025 एशिया कप के दौरान भी हुईं और अब पुरुषों के अंडर-19 वनडे वर्ल्ड कप में भी देखी जा रही हैं।
अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत बनाम बांग्लादेश मैच में भी कोई हैंडशेक नहीं हुआ। हालांकि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की ओर से बाद में साफ किया गया कि ऐसा अनजाने में हुआ। बता दें कि हिंदुओं की निर्मम हत्याओं के बाद भारत के बांग्लादेश से रिश्ते भी बहुत अच्छे नहीं हैं। बांग्लादेश ने सिर्फ इसलिए टी20 वर्ल्ड कप 2026 से नाम वापस ले लिया, क्योंकि उन्हें भारत आने में सुरक्षित महसूस नहीं हुआ।