अपने पहले ही मैच में शॉ ने शतक जड़ सब को बता दिया की वे लम्बे रेस के घोड़े हैं। टेस्ट सीरीज ख़तम होते ही शॉ वापस मुंबई के लिए विजय हज़ारे ट्रॉफी खेलने चले गए और वहां भी उन्होंने अपने फॉर्म को बरक़रार रखा। विजय हज़ारे की फॉर्म को देखते हुए पृथ्वी को वनडे टीम में भी मौका मिल सकता है।
नई दिल्ली। टेस्ट क्रिकेट हो या, घरेलू वनडे क्रिकेट भारतीय युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ का बल्ला हर जगह जमकर बोल रहा है। इसी साल भारत को अंडर 19 विश्वकप जितने वाले शॉ ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में डेब्यू किया। अपने पहले ही मैच में शॉ ने शतक जड़ सब को बता दिया की वे लम्बे रेस के घोड़े हैं। टेस्ट सीरीज ख़तम होते ही शॉ वापस मुंबई के लिए विजय हज़ारे ट्रॉफी खेलने चले गए और वहां भी उन्होंने अपने फॉर्म को बरक़रार रखा। विजय हज़ारे की फॉर्म को देखते हुए पृथ्वी को वनडे टीम में भी मौका मिल सकता है।
विजय हज़ारे में लगाया रनों का अम्बार -
वैसे तो वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की वनडे सीरीज के शुरुआती दो मैचों के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो चुका है। इस टीम में पृथ्वी को मौका नहीं मिला है लेकिन जिस हिसाब से विजय हज़ारे में पृथ्वी खेल रहे हैं उन्हें आखिरी तीन मैचों में जगह मिलना पक्का है। पृथ्वी ने विजय हज़ारे में अब तक चार मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने तीन अर्धशतक और एक शतक लगाया है। इतना ही नहीं उनके द्वारा मारे गए सभी अर्धशतक इस सालके सबसे तेज़ शतक हैं। बड़ोदरा और हैदराबाद के खिलाफ पृथ्वी ने 34 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया वहीं रेलवे के खिलाफ 36 और कर्नाटक के खिलाफ 41 गेंदों में अर्धशतक लगाया। पृथ्वी ने चार मैचों में 87 के औसत से 348 रन बनाए हैं।
पृथ्वी के आकड़ें-
23 लिस्ट ए मैचों में शॉ ने 43.43 की औसत से 999 रन बनाए हैं। इन रनों को बनाने के लिए उनका स्ट्राइक रेट 116.56 का रहा है। वह अभी तक 6 अर्धशतक और 3 शतक ठोक चुकें हैं। इंडिया ए के इंग्लैंड दौरे पर 50 ओवरों की सीरीज में शॉ दूसरे सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। मयंक अग्रवाल उस सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। शॉ ने इस सीरीज में 58.33 की औसत से 353 रन बनाए थे। शॉ ने बुधवार को विजय हजारे ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में 61 रन की पारी खेली है।