Ranji Trophy 2024-25: बिहार भले ही कई मामलों में काफी पीछे रहा हो लेकिन जुगाड़ लगाने के मामले में वह सबसे आगे खड़ा रहता है और इस बार क्रिकेट के पिच पर ऐसा जुगाड़ लगाया, जिसे देख हर कोई हैरान है।
Ranji Trophy 2024-25: बिहार भले ही कई मामलों में काफी पीछे रहा हो लेकिन जुगाड़ लगाने के मामले में वह सबसे आगे खड़ा रहता है और इस बार क्रिकेट के पिच पर ऐसा जुगाड़ लगाया, जिसे देख हर कोई हैरान है। दरअसल इस समय पटना के मोइनउलहक क्रिकेट स्टेडियम में बिहार और कर्नाटक के बीच रणजी ट्रॉफी का मैच खेला जा रहा है। पहले दिन बारिश के बाद खेल शुरू नहीं हो पाया। शनिवार की रात को हुई हल्की बारिश की वजह से पूरा मैदान गीला हो गया। हालत देख रविवार को भी मैच शुरू कराना मुश्किल माना जा रहा था लेकिन बिहार में क्रिकेट मैच हो और जुगाड़ न लगे, ऐसा कैसे हो सकता है। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने हार नहीं मानी और मैदान को सुखाने के लिए ऐसा जुगाड़ लगा दिया, जिसे देख हर कोई हैरान है।
पटना के मोइनउल हक स्टेडियम में बिहार और कर्नाटक के बीच रणजी ट्रॉफी का मुकाबला खेला जा रहा है। लेकिन मैच से ज्यादा पिच के सुखाने की तरकीब पर चर्चा हो रही है। दरअसल पिच को सुखाने के लिए न पंखा, या ड्रायर का सहारा नहीं बल्कि देसी तकनीक का सहारा लिया गया। स्टेडियम में पिच को सूखा रखने के लिए गोइठा का सहारा लिया गया, जिसके उपला भी कहा जाता है। यह वही उपला या गोइठा है, जिसे जलाकर बिहार का फेमस लिट्टी चोखा बनाया जाता है। क्रिकेट के मैदान पर ऐसा नजारा शायद ही कभी देखने को मिला था। देखने को मिला जो पहले शायद ही कभी देखा गया हो।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब पटना के मोइनउल हक स्टेडियम की पिच को सुखाने के लिए जुगाड़ लगाया गया हो। इससे पहले 1996 में वर्ल्डकप के दौरान बिहार सरकार को बीच में आना पड़ा था और कुछ ऐसा हुआ था, जो आज तक कोई भूल नहीं सकता है। जिम्बाब्वे और केन्या के बीच मैच के पहले भारी बारिश हो गई थी. तब उस समय मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने मैदान को सुखाने के लिए स्टेडियम के ऊपर हेलीकॉप्टर से चक्कर कटवाए थे।