भारतीय टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने एक नहीं दो-दो बार अंडर-19 वर्ल्ड कप खेला है। हालांकि उम्र में हेराफेरी के कई मामले सामने आने के बाद भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने नियम में बदलाव किए और अब एक खिलाड़ी मात्र एक ही बार अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल सकता है।
हर युवा खिलाड़ी का सपना होता है कि वह एक बार भारत के लिए अंडर-19 वर्ल्ड कप खेले। लेकिन यह सपना बहुत कम लोगों का पूरा हो पाता है। भारतीय टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने एक नहीं दो-दो बार अंडर-19 वर्ल्ड कप खेला है। हालांकि उम्र में हेराफेरी के कई मामले सामने आने के बाद भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने नियम में बदलाव किए और अब एक खिलाड़ी मात्र एक ही बार अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल सकता है।
हालाँकि, इस नियम के लागू होने से पहले, कुछ भारतीय क्रिकेटर दो अंडर-19 वर्ल्ड कप में दो बार खेल चुके हैं। तो आज हम आपको ऐसे ही 5 क्रिकेटरों के बारे में आपको बताने जा रहे है।
सरफराज खान (2014 और 2016)-
मुंबई के इस युवा भारतीय बल्लेबाज ने 2014 और 2016 के अंडर-19 वर्ल्ड कप खेला है। इस दौरान उन्होंने 70 से अधिक के औसत के साथ रन बनाये है और अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे। उनके इस प्रदर्शन के चलते इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2017 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर (RCB) ने उन्हें रीटेन किया था। वहीं 2018 की नीलामी में 1.75 करोड़ रुपये देकर उन्हें खरीदा था।
रिकी भुई (2014 और 2016) –
रिकी भुई को भारतीय क्रिकेट के आने वाले दिनों में एक ब्राइट प्रॉस्पेक्ट के रूप में माना जाता था, लेकिन वो 2014 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में केवल 3.75 की औसत से 15 रन ही बना सके।
2016 के अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए टीम में जगह में कामयाब रहे। हालांकि इस युवा खिलाड़ी के लिए चीजें ज्यादा नहीं बदलीं क्योंकि वह तीन मैचों में केवल 47 रन ही बना सके। इसी वजह से नेशनल टीम में जगह बनाने की उनकी संभावना कम होती चली गयी।
अवेश खान (2014 और 2016) –
इंदौर के युवा तेज गेंदबाज आवेश खान ने अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित किया है। उन्होंने आईपीएल 2021 में दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए और 2022 में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है। लखनऊ ने उन्हें इस साल 10 करोड़ रुपये की बड़ी बोली लगाकर खरीदा था। आवेश खान भी दो बार अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलने की इस लिस्ट में अपना नाम दर्ज करवाने में सफल रहे है। 2014 के पहले वर्ल्ड कप में उन्हें दो मैच खेलने का मौका मिला जिसमें वो सिर्फ एक विकेट ही लेने में सफल हो पाए। हालांकि 2016 में खेले गए अगले अंडर-19 वर्ल्ड कप में उन्होंने 6 मैच खेले और 12 विकेट अपने नाम किये।
संदीप शर्मा (2010 और 2012)-
स्विंग गेंदबाजों की जेबी भी बात की जाएगी उसमें संदीप शर्मा का नाम जरूर आयेगा। संदीप शर्मा ने भी दो बार अंडर-19 वर्ल्ड कप खेले हैं। उन्होंने साल 2010 और 2012 में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। आईपीएल में पंजाब किंग्स (PBKS) के लिए खेलते हैं।
विजय जोल (2012 और 2014 )-
महाराष्ट्र के क्रिकेटर विजय जोल 2012 और 2014 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में खेले थे। 2012 के वर्ल्ड कप में वो सिर्फ 151 रन ही बना पाए थे। वहीं 2014 के वर्ल्ड कप में उनके बल्ले से 120 रन ही निकले थे। विजय जोल ने 2014 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में भरतिया टीम की कमान भी संभाली थी। वहीं आईपीएल फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) ने उन्हें 2012 के सीजन के लिए अपनी टीम में शामिल कर लिया। 2012 के आईपीएल में उन्हें सिर्फ 3 मैच ही खेलने का मौका मिला जिसमें वो 14.5 के खराब औसत के साथ सिर्फ 29 रन ही बना सके। इसके बाद वो आईपीएल में दोबारा कभी नहीं दिखाई दिए।
रविंद्र जडेजा (2006 और 2008)-
दिग्गज भारतीय ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने भी दो अंडर-19 वर्ल्ड कप खेले हैं। जडेजा 2006 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा के साथ भारतीय टीम का हिस्सा थे। टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया जहां उन्हें पाकिस्तान से हार का सामना करना पड़ा। वहीं 2008 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में वह विराट कोहली की कप्तानी में खेले थे और ट्रॉफी को अपने नाम करने में कामयाब रहे।