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राजस्थान रॉयल्स के बाद RCB भी बिकी, 16706 करोड़ रुपये में हुआ IPL के इतिहास का सबसे बड़ा सौदा

RCB sold to USD 1.78 billion: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को चार ग्रुपों वाले कंसोर्टियम आदित्य बिड़ला ग्रुप, द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन ने 1.78 अरब अमेरिकी डॉलर यानि लगभग 16,706 करोड़ रुपये में खरीद लिया है। ये आईपीएल के इतिहास की सबसे बड़ी डी है।

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Mar 25, 2026
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पंजाब किंग्स को हराकर IPL 2025 का खिताब जीता था। (फोटो सोर्स: एक्‍स@/RCB)

RCB sold to USD 1.78 billion: आदित्य बिड़ला ग्रुप, द टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन की परपेचुअल प्राइवेट इक्विटी स्ट्रैटेजी ने मिलकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को खरीद लिया है। ये आईपीएल के इतिहास का सबसे बड़ा सौदा है, जो 1.78 अरब अमेरिकी डॉलर यानि लगभग 16,706 करोड़ रुपये के बराबर है। चार-समूहों वाले कंसोर्टियम ने यूके स्थित डि डियाजियो पीएलसी की सहायक कंपनी, यूनाइटेड स्प्रिट लिमिटेड के साथ आरसीबी में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए समझौता किया है। इस सौदे में आईपीएल और डब्‍ल्‍यूपीएल में आरसीबी की पुरुष और महिला दोनों टीमें शामिल हैं।

आर्यमान विक्रम बिड़ला होंगे आरसीबी के नए अध्यक्ष

अब नए मालिको में आदित्‍य बिड़ला ग्रुप के निदेशक आर्यमान विक्रम बिड़ला बतौर अध्यक्ष के काम करेंगे, जबकि टाइम्‍स ऑफ इंडिया ग्रुप के सत्‍यम गजवानी उपाध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। इस कंसोर्टियम में बोल्‍ट वेंचर्स के संस्थापक डेविड ब्लिटजर और बीएक्‍सपीई के सीईओ विराल पटेल भी शामिल हैं। यह अधिग्रहण सामान्य समापन शर्तों के अधीन है, जिसमें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), जो आईपीएल और डब्‍ल्‍यूपीएल के नियामक हैं। इनके अलावा भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India) और अन्य लागू नियामक प्राधिकरणों से मंजूरी शामिल है।

हम इस संपत्ति के संरक्षक बनकर बहुत खुश- कुमार मंगलम बिड़ला

आदित्‍य बिड़ला ग्रुप के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने इस डील के बाद कहा कि पिछले दो दशकों में आईपीएल एक वैश्विक खेल शक्ति के रूप में उभरा है, जिसने भारतीय क्रिकेट का चेहरा बदल दिया है और भारत के लिए जबरदस्त मूल्य पैदा किया है। आधुनिक खेल जगत की सबसे आकर्षक फ्रेंचाइजियों में से एक के तौर पर आरसीबी आदित्‍य बिड़ला ग्रुप को संस्था-निर्माण की अपनी विरासत को वैश्विक खेल के क्षेत्र में विस्तार देने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करेगी। हम इस संपत्ति के संरक्षक बनकर बहुत खुश हैं और इस असाधारण विरासत को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

आरसीबी को वैश्विक खेल संस्था के रूप में विकसित करेंगे- सत्‍यम गजवानी

वहीं, टाइम्‍स इंटनेट लिमिटेड के अध्यक्ष सत्‍यम गजवानी ने कहा कि आरसीबी मौजूदा चैंपियन है और आईपीएल में सबसे लोकप्रिय ब्रांड है। टाइम्‍स ऑफ इंडिया ग्रुप के तौर पर अपने भागीदारों के साथ मिलकर हम आरसीबी को एक वैश्विक खेल संस्था के रूप में विकसित करेंगे। हम उन लोगों के प्रति प्रतिबद्ध हैं, जिन्होंने इस चैंपियनशिप जीतने वाली संस्कृति का निर्माण किया है। खिलाड़ी, कोच, नेतृत्व टीम और प्रशंसक। हम टीम का समर्थन करने के लिए उत्सुक हैं।

'आरसीबी की सफलता को और आगे बढ़ाएंगे'

ब्लिटजर ने कहा कि कंसोर्टियम आरसीबी की सफलता को और आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा। आरसीबी का फैनबेस वर्ल्ड-क्लास है और आईपीएल ग्लोबल स्पोर्ट्स की सबसे बड़ी ग्रोथ स्टोरीज में से एक है। दुनिया भर के क्लबों और लीग्स में निवेश करने के बाद मेरा मानना ​​है कि आरसीबी में मौजूद मौका सबसे अलग है। हम अपने पार्टनर्स और बीसीसीआई के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं।

फ्रेंचाइजी की गौरवशाली विरासत बनाए रखेंगे- विराल पटेल

वहीं, ब्‍लैकस्‍टोन के विराल पटेल ने कहा गया कि हम आरसीबी में निवेश करने को लेकर उत्साहित हैं। आरसीबी दुनिया की सबसे लोकप्रिय स्पोर्ट्स फ्रेंचाइजी में से एक के तौर पर अपनी अलग पहचान रखती है, जिसका ब्रांड बहुत मजबूत है, प्रशंसक बहुत वफादार हैं और विकास के कई रास्ते खुले हैं। अपने साझेदारों के साथ मिलकर हम इस फ्रेंचाइजी की गौरवशाली विरासत और लगातार सफलता को बनाए रखने में सहयोग करने के लिए तत्पर हैं।

आरसीबी की बागडोर संभालना हमारा सौभाग्य- आर्यमन बिड़ला

आरसीबी के नए चेयरमैन आर्यमन बिड़ला ने फ्रेंचाइजी के विकास की बागडोर संभालना अपना सौभाग्य माना। उन्‍होंने कहा कि आरसीबी के विकास के अगले चरण को आकार देने के लिए इस साझेदारी में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। यह साझेदारी खेल, मीडिया और उपभोक्ता व्यवसायों की गहरी समझ को एक साथ लाती है।

विजय माल्या ने 111.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर में खरीदा था

बता दें कि आरसीबी उन 8 मूल फ्रेंचाइजी में से एक है, जिसे यूएसएल के तत्कालीन चेयरमैन विजय माल्या ने 111.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर में खरीदा था। बाद में इसका नियंत्रण यूके स्थित कंपनी डियाजियो के हाथों में चला गया, जिसने यूएसएल का अधिग्रहण कर लिया और इस तरह 2016 में माल्या के भारत छोड़ने के बाद आरसीबी का नियंत्रण भी उसके पास आ गया।

Published on:
25 Mar 2026 07:52 am
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