भारतीय टीम ने गुरुवार को चौथे वनडे में 168 रन से जीत दर्ज करने के बाद पांच मैचों की सीरीज में 4-0 की बढ़त बना ली है
कोलंबो. अब ध्यान केवल राष्ट्रीय टीम में स्थान पक्का करने पर है। यह कहना श्रीलंका के खिलाफ चौथे एकदिवसीय मैच में अद्र्धशतकीय पारी खेलने वाले मनीष पाण्डे का। भारतीय टीम ने गुरुवार को चौथे वनडे में 168 रन से जीत दर्ज करने के बाद पांच मैचों की सीरीज में 4-0 की बढ़त बना ली है और वह टेस्ट सीरीज के बाद वनडे में भी क्लीन स्वीप करने से एक कदम दूर है।
टीम के लिए खेलता रहूं और मैच जीतूं
मैच के बाद पांडे ने कहा, मैं मध्यक्रम में बल्लेबाजी करता हूं जो चौथे से छठा क्रम है।Þ उन्होंने कहाÞ मैंने टीम के लिये कई अलग-अलग क्रम पर बल्लेबाजी की है। मैं किसी भी क्रम पर खेलने को तैयार हूं। मुझे पहले एक मौके की और फिर कुछ रनों की जरूरत है जिससे मैं टीम में अपनी जगह पक्की कर सकता हूं।Þ मनीष ने चौथे मैच में छठे नंबर पर खेलते हुये नाबाद 50 रन की महत्वपूर्ण अद्र्धशतकीय पारी खेली थी। मध्यक्रम के बल्लेबाज ने कहाÞ यदि आप लगातार अच्छा प्रदर्शन करें तो शायद क्रम में आपको ऊपर खेलने का मौका मिल जाए। यही मेरा लक्ष्य भी है कि मैं टीम में अपनी जगह को पक्का करूं और टीम के लिये अंत तक टिक कर मैच जीतूं।
बल्लेबाजी में कोई परेशानी नहीं
मनीष ने कहा, मैंने भारत ए सीरी•ा में जिस तरह से बल्लेबाजी की थी वैसे ही इस मैच में भी की। इसलिये मैंने ऐसा नहीं सोचा कि मैं बहुत लंबे समय के बाद यहां कोई मैच खेल रहा हूं। मैं नेट पर भी अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं तो मुझे बल्लेबाजी करने में कोई खास परेशानी नहीं हुई।Þ उन्होंने रोहित और विराट के बीच दूसरे विकेट के लिये 219 रन की दोहरी शतकीय साझेदारी को अहम बताते हुये कहाÞ हमारे लिये शुरूआत बहुत अहम थी। मुझे लगता है कि हमने इतनी गर्मी के बाद भी बहुत अच्छा खेला। बल्लेबाज बढिय़ा खेल रहे थे और बाउंड्री लगाने पर उनका ध्यान था। जिस तरह से विराट और रोहित ने शतक बनाये थे उसके बाद हमारे लिये खुलकर खेलना आसान हो गया था।Þ
विराट ने धोनी को दिया उपहार
अपना 300वां वनडे खेलने उतरे धोनी ने पांडे के साथ छठे विकेट के लिये 101 रन की अविजित साझेदारी की। विराट ने इस दिन को यादगार बनाने के लिये धोनी को प्लैटिनम के बल्ले की एक प्रतिकृति भेंट की। उन्होंने कहाÞ 300 वनडे खेलना यानि बहुत अनुभव है। आप धोनी को देखकर ही आधी चीजें सीख जाते हैं। वह प्रेरणास्त्रोत हैं खासकर मेरे लिये क्योंकि मैंने अपने करियर को उनके मार्गदर्शन में शुरू किया। माही भाई हमेशा ही हमें सलाह देते रहते हैं।
शास्त्री ने दी स्वाभाविक खेल खेलने की सलाह
सीरीज पर पहले ही 3-0 से कब्जा कर चुकी टीम ने चौथे मैच में बेंच पर बैठे खिलाड़यिों को मौका दिया जिसमें पांडे को भी उतारा गया जो दक्षिण अफ्रीका के ए दौरे पर टीम का हिस्सा रहे थे। वहीं केदार जाधव को टीम से बाहर रखा गया था। क्रिकेटर ने कहाÞ मैंने रवि भाई (कोच रवि शास्त्री) से मैच से पूर्व बात की थी ताकि मैं अपना स्वभाविक खेल प्रदर्शन कर सकूं। मुझे 35वें ओवर के बाद बल्लबाजी का मौका मिला और तब मैं और माही भाई वहां खेलने के लिये थे।Þ मनीष ने बताया कि कोच शास्त्री की अपना स्वभाविक खेल खेलने और मध्यक्रम में समय बिताने की सलाह उनके लिये काफी काम आयी। उन्होंने कहा, मैं अपने मौके का इंतजार सब्र के साथ कर रहा था। मुझे दक्षिण अफ्रीका दौरे से काफी मदद मिली। भारतीय टीम ने चौथे वनडे में कमाल का प्रदर्शन करते हुये श्रीलंका के खिलाफ पांच विकेट पर 375 रन का विशाल स्कोर बनाया था जिसमें रोहित शर्मा और विराट कोहली ने शतकीय पारियां खेलीं जबकि मनीष ने 42 गेंदों में चार चौके लगाकर नाबाद 50 रन की अद्र्धशतकीय पारी खेली जबकि महेंद्र ङ्क्षसह धोनी ने नाबाद 49 रन बनाए।