
Suryakumar Yadav on Usman Tariq: भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आज 15 फरवरी को बेहद अहम मुकाबला खेला जाएगा, जिसका सभी क्रिकेट फैंस को बड़ी बेसब्री से इंतजार है। मैच से पहले भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने माना कि टूर्नामेंट के पहले दो मैचों में टीम की बल्लेबाजी थोड़ी कमजोर दिखी है। इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के मुश्किल स्पिनर उस्मान तारिक से निपटने का भरोसा जताया और उन्हें एग्जाम में आउट ऑफ सिलेबस सवाल करार दिया।
मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूर्यकुमार ने कहा कि देखिए, कभी-कभी एग्जाम में भी कोई सवाल ऐसा होता है, जो आउट ऑफ सिलेबस होता है। इसलिए, हम उस सवाल को छोड़ नहीं सकते। उससे निपटने के लिए आपको अपना तरीका अपनाना होगा। हां, जब वह बॉलिंग करने आता है तो वह एक अलग तरह का होता है।
सूर्या ने कहा कि हम बस हार नहीं मान सकते। हम एक जैसे बॉलर्स और एक जैसे एक्शन के साथ प्रैक्टिस करते हैं। हम नेट सेशन में जो प्रैक्टिस कर रहे हैं, उसे करने की कोशिश करेंगे। भारत के पहले के मैचों में कुछ कमजोरियां सामने आईं, जिसमें टीम यूएसए के खिलाफ 77 रन पर छह विकेट गंवा बैठी और फिर नामीबिया के खिलाफ डेथ ओवर्स में सिर्फ चार रन पर पांच विकेट खो दिए। प्रेमदासा के धीमे विकेट पर रविवार के मैच को देखते हुए सूर्या ने तारिक के अजीब बॉलिंग एक्शन से पैदा हुई चुनौती को माना, जिससे लीगैलिटी को लेकर बहस छिड़ गई है।
उन्होंने रिकवरी को लेकर कहा कि हमने मजबूती से वापसी की। यही T20 क्रिकेट की खूबसूरती है। मुझे लगता है कि एक या दो बल्लेबाज उस जिम्मेदारी को लेते हैं, जिससे हम लाइन पार कर जाते हैं। सूर्या ने पाकिस्तान का सामना करने की मेंटल चुनौती पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रेशर और बड़े पलों को संभालना जरूरी है। हां, प्रेशर होगा।
जब हम गेम शुरू करेंगे तो घबराहट होगी, पेट में तितलियां उड़ रही होंगी। लेकिन साथ ही, अगर कोई प्रेशर नहीं है, कोई नर्वसनेस नहीं है तो क्रिकेट खेलने में कोई मजा नहीं है। यह एक बड़ा मौका है। आपको अपनी स्किल्स दिखानी होंगी, कुछ अच्छा क्रिकेट खेलना होगा, इस पर फोकस करना होगा कि आप क्या बेहतर करना चाहते हैं और हम देखेंगे कि क्या होता है?
पाकिस्तान पिछले दो हफ्ते से श्रीलंका में होने के बावजूद सूर्या को भरोसा है कि उनके पास कुछ बढ़त हो सकती है। लेकिन, जैसा कि मैंने कहा कि हम पहले भी यहां आ चुके हैं, हम इन कंडीशंस में खेले हैं, हम जानते हैं कि पिच कैसे खेलती है। इंडिया जैसी ही कंडीशंस है। दोनों टीमों के लिए यह एक जैसी सिचुएशन है। देखिए, जब आप श्रीलंका आते हैं तो यह निश्चित रूप से चैलेंजिंग होता है। लेकिन, फिर दिन के आखिर में आपको खुद को चैलेंज करना होता है कि किसी तरह सॉल्यूशन ढूंढना होता है और अच्छा करना होता है।