मैच की पहली ही गेंद पर ट्रेंट बोल्ट ने शेन वॉटसन को आउट कर दिया था, डीआरएस के दौरान थर्ड अंपायर ने दिया गलत फैसला
पुणे। आईपीएल में सोमवार को दिल्ली डेयरडेविल्स और चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच टूर्नामेंट का 30वां मैच खेला गया। इस मैच में चेन्नई ने दिल्ली को 13 रनों से हरा दिया। चेन्नई की तरफ से शेन वॉटसन और कप्तान एमएस धोनी ने तूफानी पारियां खेलीं। दिल्ली की हार के लिए अगर थर्ड अंपायर को जिम्मेदार ठहराया जाए तो कहना गलत नहीं होगा, क्योंकी थर्ड अंपायर के एक फैसले ने पूरे मैच की कायापलट कर दी।
थर्ड अंपायर ने दिया गलत फैसला
दरअसल, डीआरएस के फैसले के दौरान थर्ड अंपायर ने शेन वॉटसन को आउट होने के बाद भी नॉट आउट दे दिया। थर्ड अंपायर के इस फैसले के बाद ये सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या दिल्ली और चेन्नई का ये मैच फिक्स था ?
मैच की पहली ही बॉल पर आउट थे शेन वॉटसन
दरअसल, पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई की टीम को पहली ही बॉल पर झटका लग गया था, लेकिन थर्ड अंपायर की गलती से ये फैसला बदल गया। हुआ यूं कि दिल्ली की तरफ से ट्रेंट बोल्ट पहला ओवर लेकर आए थे और पहली ही गेंद पर शेन वॉटसन बीट हो गए। गेंद वॉटसन के पैड पर जाकर लगी और दिल्ली के सभी खिलाड़ियों ने एलबीडब्यू की जोरदार अपील की। अपील को अंपायर ने नकार दिया, जिसके बाद दिल्ली के कप्तान श्रेयर अय्यर ने रिव्यू ले लिया।
थर्ड अंपायर ने खारिज किया डीआरएस
डीआरएस में देखा जा रहा था, कि बॉल पहले पैड पर लगी, उसके बाद बल्ले पर लगी, लेकिन इसके बाद भी थर्ड अंपायर ने वॉटसन को नॉटआउट दे दिया। डीआरएस में देखा जा रहा था, कि बॉल पहले पैट पर लगी और उसके बाद बल्ले पर लगी है, लेकिन थर्ड अंपायर को लगा कि बॉल पहले बैट पर लगी है और उसके बाद पैड पर, जिसकी वजह से थर्ड अंपायर ने भी डीआरएस को ख़ारिज कर दिया।
आउट थे शेट वॉटसन, थर्ड अंपायर ने दिया नॉट आउट
थर्ड अंपायर के इस फैसले से दिल्ली की टीम बेहद निराश हुई। अंपायर ने सिर्फ अल्ट्रा एज को ही देखा और अपील ख़ारिज कर दी थी, जब देखा गया, किया बाल स्टंप में लग रही थी या नहीं तो साफ़ देखा जा रहा था कि बॉल मीडिल स्टंप में जाकर लगी थी और इंपेक्ट और पिंचिंग लाइन भी इन लाइन थी, जिसकी वजह से शेन वॉटसन आउट थे।
बाद में खूब की ठुकाई
थर्ड अंपायर के इस गलत फैसले का जिक्र बाद में कॉमेंटेटर ने भी किया था। मैच के दौरान कमेंट्री कर रहे आकाश चोपड़ा और कपिल देव ने भी इसे आउट करार दिया था और दोनों ही कह रहे थे, कि अंपायर का यह फैसला समझ से परे है। जीवनदान मिलने के बाद वॉटसन ने इसका खूब फायदा उठाया और 40 गेंदों में 78 रन ठोंक डाले।