Tilak Varma statement after fastest Century for MI: तिलक वर्मा ने सोमवार रात मुंबई के लिए सबसे तेज शतक लगाकर आईपीएल में इतिहास रच दिया। इस रिकॉर्ड को बनाकर तिलक काफी खुश नजर आए। जब उनसे पूछा गया कि यह कितना अच्छा या कितना खास लग रहा है? इस पर उन्होंने कहा कि पहला शतक हमेशा खास होता है।
Tilak Varma statement after fastest Century for MI: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 30वें मैच में सोमवार को मुंबई इंडियंस की ओर से खेलते हुए तिलक वर्मा ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ नाबाद 101 रन शतकीय पारी खेलते हुए इतिहास रच दिया। 45 गेंदों की इस पारी में तिलक ने 8 चौके और 7 छक्के लगाए। यह आईपीएल के इतिहास में एमआई की तरफ से बनाया गया संयुक्त रूप से सबसे तेज शतक है।
इस शतक के साथ तिलक वर्मा ने सनथ जयसूर्या के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। जयसूर्या ने 2008 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 45 गेंदों में ही एमआई के लिए शतक जड़ा था। आईपीएल में मुंबई इंडियंस की ओर से सबसे तेज शतकों के मामले में कैमरन ग्रीन दूसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने 2023 में एसआरएच के खिलाफ 47 गेंदों में यह कमाल किया था। सूर्यकुमार यादव भी 2023 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ 49 गेंदों में शतक लगा चुके हैं।
मैच के बाद तिलक वर्मा से प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब लेने के दौरान जब पूछा गया कि यह कितना अच्छा या कितना खास लग रहा है? इस पर उन्होंने कहा कि पहला शतक हमेशा खास होता है और सच कहूं तो यह हमारे लिए बहुत जरूरी था। यहां से हमारे पास ज्यादा समय नहीं है। हर मैच हमारे लिए अहम है।
पिछले पांच मैचों में मैंने पिच पर ज्यादा समय नहीं बिताया था। इसलिए मैं बस यही सोच रहा था कि इस मैच में मैं पिच के बीच में ज्यादा समय बिताना चाहता हूं। मैंने यही सोचा। अगर आप पहली 20 गेंदें देखें तो मैं बस एक-एक गेंद पर ध्यान दे रहा था। मैं बस बैटिंग कर रहा था और बाद में जब मैंने पिच पर कुछ गेंदें खेल लीं तो मुझे पता चला कि मैं क्या कर सकता हूं। मैंने ठीक वैसा ही किया। मैं इसके लिए सचमुच शुक्रगुजार हूं।
क्या आप जान-बूझकर सीधे शॉट मार रहे थे या यह बस हो गया? मैं बस हालात देख रहा था कि टीम को किस चीज की जरूरत है। और उस पल मैं शांत था, अपना सिर स्थिर रखे हुए था और अपनी बुनियादी बातों पर अमल कर रहा था। और आप जानते हैं, मेरे पास सभी तरह के शानदार शॉट हैं।
जब टीम को जरूरत होती है, तो मैं उनका इस्तेमाल कर सकता हूं। लेकिन, खासकर जब आप दबाव में बैटिंग कर रहे होते हैं, तो आपको बस अपनी काबिलियत पर भरोसा करने की जरूरत होती है। आज मैंने अपनी काबिलियत पर ही भरोसा किया और इसके मुझे अच्छे नतीजे मिले।
नमन के साथ उनकी पार्टनरशिप को लेकर तिलक ने कहा कि यह बहुत जरूरी थी। उस पल नमन जिस तरह से एक सकारात्मक सोच के साथ खेला, वह हमारे लिए बहुत अहम था। इसका श्रेय उसे भी जाता है। उसके बाद, जिस तरह से मैंने पारी को आगे बढ़ाया, मुझे उस पर सचमुच बहुत गर्व है।