वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप प्वाइंट्स टेबल में भारत इस समय 6 जीत और 4 हार के साथ चौथे नंबर पर है। भारत के 75 अंक हैं और विनिंग प्रतिशत 52.08 है। भारत के पास अब कुल 6 टेस्ट मैच बचे हैं और अगर उसे यहां से फाइनल में जगह बनानी है तो कम से कम 5 टेस्ट जीतने होंगे।
World test championship 2021-22: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2021-23 का फाइनल मुक़ाबला अगले साल मार्च में खेला जाएगा। इसके फाइनल में जगह बनाने के लिए 5 टीमों के बीच जद्दोजहद जारी है। अभी डबल्यूटीसी की अंक तालिका के टॉप पर ऑस्ट्रेलिया है। वहीं दूसरे नंबर पर दक्षिण अफ्रीका है। भारत इस लिस्ट मेन चौथे स्थान पर है। ऐसे में आइये जानते हैं भारत कैसे इस चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बना सकता है और क्या है समीकरण।
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप प्वाइंट्स टेबल में भारत इस समय 6 जीत और 4 हार के साथ चौथे नंबर पर है। भारत के 75 अंक हैं और विनिंग प्रतिशत 52.08 है। भारत के पास अब कुल 6 टेस्ट मैच बचे हैं और अगर उसे यहां से फाइनल में जगह बनानी है तो कम से कम 5 टेस्ट जीतने होंगे। अगर भारत यहां से अपने सारे मैच जीतता है तो ज्यादा से ज्यादा वह 68.05 प्रतिशत अंक तक पहुंच सकता है। वहीं प्वाइंट्स टेबल के टॉप पर 72.73 विनिंग प्रतिशत के साथ ऑस्ट्रेलिया है। अगर भारत चार मैचों की टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया पर क्लीन स्वीप कर देता है तो उनका विनिंग प्रतिशत घटेगा और भारत का बढ़ेगा।
दूसरे नंबर पर 60 विनिंग प्रतिशत के साथ दक्षिण अफ्रीका और तीसरे पर 53.33 विनिंग प्रतिशत के साथ श्रीलंका है। श्रीलंका अपनी आखिरी टेस्ट सीरीज न्यूजीलैंड से खेलेगी। वहीं साउथ अफ्रीका को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर तीन टेस्ट मैच की सीरीज के अलावा वेस्टइंडीज के खिलाफ घर पर दो टेस्ट खेल रही है। श्रीलंका से ज्यादा साउथ अफ्रीका भारत की परेशानी बढ़ा सकता है।
पाकिस्तान के रावलपिंडी टेस्ट हारने से भारत को फायदा हुआ है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में पाकिस्तान की टीम 5वें नंबर पर है। दो मुकाबले अभी उनके इंग्लैंड के खिलाफ बाकी है, वहीं इसके बाद उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ ही घर में टेस्ट सीरीज खेलनी है। अगर पाकिस्तान को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में दमखम दिखाना है तो उन्हें अपनी पिच पर काम करना होगा। इन फ्लैट ट्रैक पर खेलकर तो उनके अधिकतर मैच ड्रॉ ही होंगे। इस हार के बाद पाकिस्तानी टीम को इंग्लैंड़ के खिलाफ दो टेस्ट और फिर स्वदेश में ही न्यूजीलैंड की मेजबानी करनी है। उस सीरीज में भी दो टेस्ट खेले जाने हैं। ऐसे में पाकिस्तान का अब फ़ाइनल में जाना मुश्किल है।