क्रिकेट

युवराज ने संन्यास के बाद किया सबसे बड़ा खुलासा, चयनकर्ताओं के झूठ से खत्म हुआ करियर

युवराज सिंह ने जून 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।

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yuvraj singh

नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर और सिक्सर किंग के नाम से मशहूर युवराज सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं। युवराज को एक सम्मानजनक विदाई नहीं मिलने का मलाल खुद युवराज को और उनके फैंस को है। एक ताजा इंटरव्यू में युवराज का ये दर्द देखने को भी मिला है। युवी ने चयनकर्ताओं पर जमकर निशाना साधा है।

श्रीलंका दौरे के लिए बोला गया मुझसे झूठ- युवराज

युवी ने एक इंटरव्यू में बताया है कि उन्हें श्रीलंका दौरे की तैयारी के लिए कहा गया था और जब यो-यो टेस्ट की बारी आई तो मैंने उसे पास कर लिया, लेकिन फिर भी मुझे घरेलू क्रिकेट ही खेलने को कहा गया। युवराज ने बताया कि उस वक्त टीम में मेरी जगह बनती थी, लेकिन मुझे शामिल नहीं किया गया।

यो-यो टेस्ट पास करने के बाद भी नहीं मिली टीम में जगह- युवी

युवराज ने इंटरव्यू में कहा, ''चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के बाद मैं आठ-नौ मैचों में से दो बार मैन ऑफ द मैच बना, मेरा स्ट्राइक रेट 98 का था और औसत 42 से उपर का, लेकिन इसके बाद भी मुझे वेस्टइंडीज टूर के लिए ड्रॉप कर दिया गया। इसके बाद चयनकर्ताओं ने मुझसे कहा कि तुम श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के लिए तैयारी करो। फिर जाकर श्रीलंका दौरे के लिए मैंने 36 साल की उम्र में यो-यो टेस्ट की तैयारी की। इसके बाद जब मैंने यो-यो टेस्ट पास कर लिया तब मुझे घरेलू क्रिकेट खेलने को कहा गया। सच कहूं तो वो ये सोच रहे थे कि इस उम्र में मैं इस टेस्ट को पास करने के लायक नहीं हूं।''

वर्ल्ड कप के आगाज से पहले ही रिटायर हो गए थे युवराज

आपको बता दें कि युवराज सिंह ने जुलाई 2017 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना आखिरी वनडे मैच खेला था। इसके बाद से युवी को कभी भारतीय टीम से खेलने का मौका नहीं मिला। आख़िरकार उन्होंने जून 2019 में विश्व कप के आगाज से पहले ही संन्यास का ऐलान कर दिया।

Updated on:
27 Sept 2019 09:22 am
Published on:
27 Sept 2019 09:20 am