क्रिकेट

“सम्मान नहीं मिला, अकेला महसूस कर रहा था”, युवराज सिंह ने बताई अपने संन्यास के पीछे की असली वजह

युवराज सिंह ने 2017 की चैंपियंस ट्रॉफी के बाद भारत के लिए आखिरी इंटरनेशनल मैच खेला था। इसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।

2 min read
Jan 29, 2026
भारतीय पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह। (फोटो सोर्स: एक्‍स@/YUVSTRONG12)

भारतीय क्रिकेट के सबसे जुझारू ऑलराउंडरों में शामिल युवराज सिंह ने जून 2019 में अचानक क्रिकेट से संन्यास लेकर सभी को चौंका दिया था। अब करीब छह साल बाद युवराज ने पहली बार खुलकर बताया है कि उन्होंने यह बड़ा फैसला आखिर क्यों लिया। पूर्व क्रिकेटर ने स्वीकार किया कि उस दौर में वह खुद को अलग-थलग, असहाय और असम्मानित महसूस कर रहे थे।

ये भी पढ़ें

टी20 वर्ल्ड कप के पहले बड़ा झटका, मैच फिक्सिंग में फंसा यह स्टार खिलाड़ी, ICC ने लगाया बैन

2017 के बाद टीम से दूरी, मन पर पड़ा गहरा असर

युवराज सिंह ने 2017 की चैंपियंस ट्रॉफी के बाद भारत के लिए आखिरी इंटरनेशनल मैच खेला था। इसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। हालांकि उन्होंने आईपीएल खेलना जारी रखा, लेकिन धीरे-धीरे क्रिकेट से उनका जुड़ाव कमजोर पड़ता चला गया। आखिरकार जून 2019 में उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट और आईपीएल—दोनों से संन्यास का ऐलान कर दिया।

सानिया मिर्जा के पॉडकास्ट में किया खुलासा

युवराज सिंह ने यह बातें सानिया मिर्जा के यूट्यूब पॉडकास्ट ‘सर्विंग इट अप विद सानिया’ में साझा कीं। बातचीत के दौरान सानिया ने हैदराबाद में डिनर के दौरान हुई मुलाकात को याद करते हुए उस दौर के बारे में पूछा, जब युवराज पूरी क्षमता से नहीं खेल पा रहे थे।

मैं अपने खेल को एंजॉय नहीं कर पा रहा था

युवराज ने कहा, "सच कहूं तो उस समय मैं अपना गेम इंजॉय नहीं कर रहा था। मैंने खुद से सवाल किया कि आखिर मैं खेल क्यों रहा हूं। मुझे न सपोर्ट मिल रहा था, न ही सम्मान। जब लगा कि मैं आगे नहीं बढ़ पा रहा हूं, तो खुद को जबरदस्ती खींचने का कोई मतलब नहीं था।” उन्होंने आगे कहा कि क्रिकेट ने उन्हें बहुत कुछ दिया, लेकिन जब वही खेल मानसिक और शारीरिक तकलीफ देने लगे, तो उससे चिपके रहना सही नहीं था। युवराज ने कहा, "मैं खुद से पूछने लगा, मुझे क्या साबित करना है? मैं इससे ज्यादा नहीं कर सकता था।"

जिस दिन रुका, उसी दिन खुद को महसूस किया

युवराज ने बताया कि जब उन्हें एहसास हुआ कि अब आगे नहीं बढ़ा जा सकता, उसी दिन उन्होंने संन्यास लेने का फैसला कर लिया। क्रिकेट के बाद गोल्फ से जुड़े अनुभव साझा करते हुए युवराज ने कहा कि यह खेल उनके लिए आजदी जैसा है. गोल्फ को उन्होंने एक ऐसा खेल बताया, जो वह सिर्फ अपने लिए खेलते हैं, किसी देश या टीम के दबाव के बिना. दोस्तों के साथ खेलने, हल्की-फुल्की प्रतिस्पर्धा और लंबे शॉट मारने का अहसास उन्हें क्रिकेट में लगाए गए छक्कों की याद दिलाता है। युवराज के मुताबिक, गोल्फ ने उन्हें मानसिक सुकून दिया और फिट रहने में भी मदद की।

ये भी पढ़ें

टी20 वर्ल्ड कप के पहले बड़ा झटका, मैच फिक्सिंग में फंसा यह स्टार खिलाड़ी, ICC ने लगाया बैन

Published on:
29 Jan 2026 05:09 pm
Also Read
View All

अगली खबर