सुबह से घंटों जांच के बाद दिल्‍ली पुलिस कुछ कहने की स्थिति में नहीं।
नई दिल्ली। दिल्ली के बुराड़ी इलाके में दो भाईयों के परिवार के 11 सदस्यों के शव घर में मिलने से देश भर में सनसनी फैल गई है। इस घटना के बारे में अभी तक दिल्ली पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगे हैं। हत्या के बारे में कोई सुराग नहीं मिलने से यह घटना रहस्यमयी हो गया है। चर्चा भले ही आत्महत्या की है लेकिन यह मामला ब्लाइंड मर्डर का भी हो सकता है। आपको बता दें कि इस घटना का खुलासा होने के बाद से पड़ोसियों के बीच हड़कंप और दहशत की स्थिति है।
ब्लाइंड मर्डर क्यों है ?
इस बात में दम इसलिए है क्योंकि घर के 11 सदस्यों में 10 सदस्यों का शव लटका मिला है। जबकि घर की सबसे बुजुर्ग महिला का शव जमीन पर मिला। यानी घटनास्थल के जो दृश्य हैं वो आत्महत्या की ओर इशारा नहीं करते हैं। सुबह में इस बात का खुलासा होने के बाद से अब तक पुलिस, क्राइम ब्रांच, फारेंसिक टीम व मौके पर पहुंचे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस घटना के बारे में कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं। यहां तक कि मौके पर पहुंचे एक ज्वाइंट सीपी ने भी यही बताया है कि अभी हम घटना के संभावित पहलुओं का आकलन करने में जुटे हैं। यानि पुलिस घंटों बाद किसी एक या दो एंगल पर काम करने की स्थिति में नहीं है। पुलिस अभी मामले को समझने में ही जुटी है।
चौकाने वाले साक्ष्य
मौका ए वारदात से जो साक्ष्य मिले हैं वे चौकाने वाले हैं। चौकाने वाला इसलिए कि घटना की रात एक ही परिवार की मौत होती है और किसी भी पड़ोसी को भनक तक नहीं लगती है। किसी भी पड़ोसी को कुछ पता नहीं चलता है। सुबह मृतक परिवार के दुकान पर जब पड़ोस की एक महिला दूध लेने जाती है तो उसे दुकान बंद मिलता है। घर के अंदर जाने पर वह सभी को फांसी के फंदे पर लटका देख आपा खो बैठती। घबराकर पड़ोसियों को आवाज देती है। पड़ोसी ही पुलिस को फोनकर बुलाते हैं। परिवार को भी सदस्य घातक हथियारों का शिकार नहीं है। घर में ऊपर से लेकर नीचे तक कहीं भी खून के छीटें नहीं हैं। जबकि एक नहीं 11 लोगों का शव घर से वरामद होता है। बुजुर्ग महिला को छोड़कर किसी के शरीर पर गंभीर चोट के निशान तक नहीं है। सारी स्थितियां एक रहस्यमयी घटना की ओर इशारा करती हैं।
घर में कौन किस हालात में?
परिवार के 11 लोगों में 75 वर्षीय बुजुर्ग मां और उनके दो बेटों ललित और भूपी का परिवार शामिल है। मृतकों में बुजुर्ग महिला के अलावा उनका बड़ा बेटा ललित, उसकी पत्नी और उनके तीन बच्चे हैं। बुजुर्ग महिला के छोटे बेटे भूपी, उसकी पत्नी और उनके दो बच्चे हैं। बुजुर्ग महिला की 58 साल की विधवा बेटी भी रहती थी साथ। उसकी भी लाश मिली है। बुजुर्ग महिला की गला दबाकर हत्या की गई है। जबकि परिवार के शेष 10 सदस्यों की लाश मकान के फर्स्ट फ्लोर पर रस्सी से लटकती मिली। कुछ लोगों के हाथ-पैर बंधे हुए मिले। कुछ लोगों की आंखों पर पट्टी भी बंधी हुई थी। बुजुर्ग महिला का तीसरा बेटा दिनेश सिविल कांट्रैक्टर है और चित्तौड़गढ़ में रहता है। घटना के समय भी दिनेश चित्तौड़गढ़ में ही है।
आत्महत्या तो नहीं है
कम से कम मौका ए वारदात से जो साक्ष्य मिले हैं वो आत्महत्या की ओर संकेत नहीं करते हैं। क्योंकि चार शव जमीन से छूती हुई मिली हैं। मृतक परिवार के पड़ोस में रहने वाले लोगों का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे कोई साजिश हो सकती है। पड़ोसियों का कहना कि दोनों भाईयों का परिवार एक साथ रहता था और कभी लगा ही नहीं कि ये ऐसा कर सकते हैं।
परिवार मिलनसार था तो हत्या किसने की?
एक पड़ोसी बृजेश कुमार ने बताया कि मैं पिछले 25 वर्षों से इसी गली में रह रहा हूं। दोनों परिवार बहुत ही सुलझे हुए थे और दोनों भाईयों का संयुक्त परिवार था। एक भाई परचून की दुकान चलाता था तो दूसरा लकड़ी का काम करता था। दोनों में कभी भी मनमुटाव नहीं रहा। ये किसी की साजिश लग रही है, इस परिवार की हत्या की गई है। साथ ही बृजेश ने बताया कि परिवार के सभी सदस्य मिलनसार थे, पड़ोसियों से इनका अच्छा व्यवहार था, इनका किसी से कोई मतभेद नहीं रहा।