
IAS अविनाश पाठक गिरफ्तार
महाराष्ट्र के बीड जिले में सामने आए 241 करोड़ रुपये के कथित भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में बड़ी कार्रवाई हुई है। बीड के पूर्व कलेक्टर और आईएएस अधिकारी अविनाश पाठक (55) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है।
इस मामले को लेकर बीड जिले के शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में 10 लोगों के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका है। इस मामले में तत्कालीन जिला कलेक्टर अविनाश पाठक का नाम भी शामिल था। अधिकारियों के मुताबिक, 2013 बैच के आईएएस अधिकारी पाठक को बीड पुलिस की एसआईटी ने लातूर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी लातूर पुलिस की मदद से गुरुवार सुबह हट्टे नगर स्थित उनके आवास से की गई।
पुलिस के अनुसार, शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में अविनाश पाठक समेत 10 लोगों के खिलाफ फर्जी भूमि अधिग्रहण मुआवजा आदेश जारी करने का मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि बीड से तबादला होने के बाद भी पाठक के नाम, पदनाम और कथित जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर फर्जी मुआवजा मंजूरियां जारी की गईं।
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल 1 मार्च से 17 अप्रैल के बीच कुल 154 फर्जी आदेश जारी किए गए। इन आदेशों के जरिए करीब 241.62 करोड़ रुपये के बढ़ाए हुए मुआवजे की मंजूरी दी गई थी।
मामले की जांच के लिए बनाई गई समिति ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, तत्कालीन कलेक्टर अविनाश पाठक के नाम और हस्ताक्षर का कथित रूप से दुरुपयोग कर 154 फर्जी आदेश जारी किए गए। इस पूरे मामले में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा और सरकारी प्रक्रिया के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस ने आईएएस अविनाश पाठक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, सरकारी कर्मचारी द्वारा कानून की अवहेलना और आपराधिक धमकी जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी केस दर्ज किया गया है।
2013 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी अविनाश पाठक मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले हैं। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान लातूर में अतिरिक्त जिला कलेक्टर के रूप में काम किया था। इसके अलावा वह धराशिव जिले में भूमि अधिग्रहण अधिकारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वह बीड जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी रह चुके है।
Updated on:
07 May 2026 08:52 pm
Published on:
07 May 2026 08:52 pm
